शह मात The Big Debate: गांव चलो अभियान.. बीजेपी का ‘धुरंधर’ प्लान! धूमधाम से मनाया गया 47वां स्थापना दिवस, क्या प्री इलेक्शन मोड में जा रही भाजपा?

BJP 47th Foundation Day: बीजेपी कार्यालय भोपाल में मध्यप्रदेश के भाजपा नेताओं ने बीजेपी का 47वां स्थापना दिवस बड़े धूमधाम के साथ मनाया।

शह मात The Big Debate: गांव चलो अभियान.. बीजेपी का ‘धुरंधर’ प्लान! धूमधाम से मनाया गया 47वां स्थापना दिवस, क्या प्री इलेक्शन मोड में जा रही भाजपा?

BJP 47th Foundation Day/ image source: WIKIMEDIA

Modified Date: April 6, 2026 / 11:12 pm IST
Published Date: April 6, 2026 11:12 pm IST
HIGHLIGHTS
  • भाजपा नेताओं ने बीजेपी का 47वां स्थापना दिवस बड़े धूमधाम के साथ मनाया।
  • पार्टी ने इस मौके पर गाँव बस्ती चलो अभियान शुरू किया।
  • मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने पार्टी के नेताओं की तुलना धुरंधर फ़िल्म के नायकों से कर दी।

BJP 47th Foundation Day: भोपाल: मध्यप्रदेश के बीजेपी कार्यालय भोपाल में मध्यप्रदेश के भाजपा नेताओं ने बीजेपी का 47वां स्थापना दिवस बड़े धूमधाम के साथ मनाया। पार्टी ने इस मौके पर गाँव बस्ती चलो अभियान शुरू किया। वैसे अब की भाजपा पहले जैसी नहीं है, नई वाली बीजेपी आक्रामक है और तो और चुनावी प्रबंधन के लिए सिद्धांतो को भी किनारे कर देती है। सबसे बड़ी बात ये है कि-बीजेपी साल के पूरे 365 दिन चुनावी मोड में रहती है। शायद इसीलिए मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने पार्टी के नेताओं की तुलना धुरंधर फ़िल्म के नायकों से कर दी। (BJP 47th Foundation Day) वहीं पार्टी के मुखिया हेमंत खंडेलवाल इस बात को लेकर गदगद हैं कि, 17 जिलों के भूमिपूजन के बाद प्रत्येक जिले में पार्टी का झंडा ख़ुद की बिल्डिंग पर फहराएगा।

तो कांग्रेस को बीजेपी का जश्न वाला स्थापना दिवस रास नहीं आया। एमपी के पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक डॉ राजेंद्र सिंह ने धुरंधर वाले बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि- धुरंधर स्टाइल में ही BJP बढ़ा चढ़ाकर प्रचार करती है, जो बिकाऊ हैं उनको खरीद लो, जो डरते हैं उनको डरा दो, तो बीजेपी के नए दफ्तरों को लेकर कांग्रेस ने (BJP 47th Foundation Day) आरोप लगाए कि- इन्होंने इतना धन इकठ्ठा कर लिया है कि चंद्रमा और मंगल ग्रह पर भी बीजेपी कार्यालय खोल सकते हैं।

जन्मदिन यूँ तो सवालों का दिन नहीं होता, फिर भी ये सवाल लाज़मी है कि- एमपी में तकरीबन 30 फीसदी कांग्रेसियों से युक्त ये भाजपा क्या वाकई पहले जैसी है? सवाल ये भी कि गाँव और बस्तियों में मुख्यमंत्री समेत सभी स्तर के नेताओं का जाना क्या ढाई साल पहले से ही मिशन-2028 की शुरुआत है? (BJP 47th Foundation Day) सबसे बड़ा सवाल ये भी कि- जिन एंटीइनकम्बेंसी वाले लोकल नेताओं को सरकार की नीतियों का क्रियान्वयन परखने के लिए भेजा जाएगा, क्या इससे भाजपा को वाकई फायदा होगा?

इन्हे भी पढ़ें:-


लेखक के बारे में

I am a content writer at IBC24 and I have learned a lot here so far and I am learning many more things too. More than 3 years have passed since I started working here. My experience here has been very good.