MP Farmer News: इन किसानों को बोनस देगी मोहन सरकार, प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की तैयारी, जानिए सीएम मोहन यादव के संबोधन की बड़ी बातें

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इन किसानों को बोनस देगी मोहन सरकार, प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की तैयारी, Bonus Given on Purchase of Urad

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  • Publish Date - April 24, 2026 / 10:51 PM IST,
    Updated On - April 24, 2026 / 10:51 PM IST

Wheat Purchase Latest News. Image Source- IBC24 Screen Grab

भोपालः MP Farmer News:  मध्य प्रदेश में इस बार रिकॉर्ड उत्पादन के बीच किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने गेहूं खरीदी का लक्ष्य बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि उपार्जन लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ज्यादा उत्पादन को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि किसी भी किसान को अपनी फसल बेचने में दिक्कत न हो। अब उपार्जन केंद्र सप्ताह में 6 दिन काम करेंगे और शनिवार को भी खरीदी जारी रहेगी। किसानों को राहत देते हुए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है। साथ ही बुकिंग पूरी तरह खोल दी गई है, जिससे अधिक से अधिक किसान अपनी उपज बेच सकें। मुख्यमंत्री ने इस साल को “किसान कल्याण वर्ष” बताते हुए कहा कि सरकार का फोकस पूरी तरह किसानों की आय और सुविधा बढ़ाने पर है।

उड़द खरीदी पर मिलेगा बोनस

मुख्यमंत्री ने भू-अर्जन नीति को लेकर भी बड़ा निर्णय घोषित किया। अब किसानों को उनकी जमीन के बदले 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई विस्तार, फसल विविधीकरण और आधुनिक तकनीकों के जरिए किसानों को सशक्त बनाया जा रहा है। दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने उड़द की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने और उस पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है।

प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को मात्र 5 रुपए में कृषि पंप कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही दिन में सिंचाई के लिए बिजली देने की योजना पर काम किया जा रहा है। ‘कृषक मित्र योजना’ के तहत 90% सब्सिडी पर सोलर पंप दिए जा रहे हैं, जिससे किसान बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनेंगे। डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए राज्य को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की दिशा में काम हो रहा है। 1700 से ज्यादा नई दुग्ध समितियां बनाई गई हैं और रोजाना दूध संग्रहण 10 लाख किलो के पार पहुंच चुका है। किसानों को 1600 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान भी किया जा चुका है। खाद की उपलब्धता को लेकर भी सरकार ने भरोसा दिलाया है। इस साल 5.90 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है और अन्य उर्वरकों का भी पर्याप्त स्टॉक रखा गया है। साथ ही ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे किसानों को बिना लंबी कतार में लगे खाद मिल सके।

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