सीबीआई ने त्विषा के पति समर्थ सिंह को हिरासत में लिया, उसे उसके घर ले गयी

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सीबीआई ने त्विषा के पति समर्थ सिंह को हिरासत में लिया, उसे उसके घर ले गयी

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  • Publish Date - May 27, 2026 / 09:27 PM IST,
    Updated On - May 27, 2026 / 09:27 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

भोपाल, 27 मई (भाषा) भोपाल की एक अदालत ने माडल से अभिनेत्री बनी त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह को बुधवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में भेज दिया, जिसके बाद सीबीआई ने उसके घर ले जाकर उससे पूछताछ की।

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने समर्थ सिंह की मां और सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

त्विषा शर्मा राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में 12 मई को अपने ससुराल में कथित तौर पर फांसी पर लटकी मिली थी। सीबीआई ने सोमवार शर्मा की मौत की जांच अपने हाथों में ले ली थी।

सीबीआई ने मामले को हाथ में लेने के बाद फिर से प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी के रूप में दिखाया गया है।

त्विषा के परिजनों के वकील अंकुर पांडे ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा कि समर्थ को मध्यप्रदेश पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जबलपुर से गिरफ्तार किया था और फिर उसे भोपाल लाया था, जहां उसे मजिस्ट्रेट अदालत ने सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।

उन्होंने कहा कि चूंकि जांच सीबीआई को सौंप दी गयी है, इसलिए एसआईटी को अब समर्थ सिंह की हिरासत की आवश्यकता नहीं है, ऐसे में आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां ब्यूरो ने उसकी रिमांड की मांग की। समर्थ सिंह पेशे से वकील है।

पांडे ने कहा कि अदालत ने समर्थ को सीबीआई की हिरासत में भेज दिया।

उन्होंने कहा कि चूंकि आरोपी की हिरासत और सभी संबंधित दस्तावेज अब सीबीआई को सौंप दिए गए हैं, इसलिए मामले में आगे की जांच केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जाएगी।

उन्होंने मजिस्ट्रेट की अदालत में हुई आज की कार्यवाही महज एक औपचारिकता बताया और कहा कि इससे आगे कोई भी कानूनी कार्यवाही संबंधित सीबीआई अदालत में होगी।

बाद में सीबीआई की एक टीम समर्थ सिंह के साथ उनकी मां गिरिबाला सिंह के घर पहुंची।

मध्यप्रदेश पुलिस से जांच अपने हाथ में लेते हुए, सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 80 (2) (दहेज हत्या के लिए सजा), 85 (पति या उसके रिश्तेदार द्वारा महिला को क्रूरता के अधीन करना) और 3 (5) (सामान्य इरादा) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम के प्रावधानों को भी लागू किया, जो राज्य पुलिस द्वारा भी लगाए गए थे।

भोपाल पुलिस ने त्विषा की मौत के दो दिन बाद प्राथमिकी दर्ज की थी।

अपने बयानों में, त्विषा के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उसे उसके ससुराल वालों ने प्रताड़ित किया था। उन्होंने दावा किया कि ससुराल पक्ष नौ दिसंबर, 2025 को उसकी शादी के समय दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं था।

उन्होंने उसके ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का आरोप लगाया और दावा किया कि 33 वर्षीय पूर्व मिस पुणे को यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया।

हालांकि, कई मीडिया साक्षात्कारों में, त्विषा की सास ने उसके कथित चिकित्सा उपचार और मानसिक स्थिति पर सवाल उठाया है। समर्थ सिंह को 10 दिनों तक फरार रहने के बाद 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया था।

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद रविवार को एम्स-दिल्ली के डॉक्टरों की एक टीम ने भोपाल में त्विषा का दूसरा पोस्टमॉर्टम किया था।

इस बीच, न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा की अवकाशकालीन पीठ ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग करने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। यह निर्णय अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष दोनों की ओर से चार घंटे के गहन बहस के बाद लिया गया।

भाषा ब्रजेन्द्र राजकुमार

राजकुमार