पुरानी पेंशन बहाली की मांग हुई तेज.. प्रदर्शन निरस्त होने के बाद प्रदेशभर के कर्मचारी मुख्यमंत्री के नाम देंगे ज्ञापन

Demand for restoration of old pension intensified in Madhya Pradesh: सरकार पर कर्मचारियों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया है

पुरानी पेंशन बहाली की मांग हुई तेज.. प्रदर्शन निरस्त होने के बाद प्रदेशभर के कर्मचारी मुख्यमंत्री के नाम देंगे ज्ञापन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:09 pm IST
Published Date: March 12, 2022 9:45 am IST

भोपाल। राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकार ने पुरानी पेंशन बहाली करने के निर्णय के बाद मध्यप्रदेश सरकार पर कर्मचारियों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इस एक मांग पर प्रदेश के ज्यादातर कर्मचारी संगठन लामबंद हो गए हैं।

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इसकी वजह है प्रदेश में शिक्षक संवर्ग मिलाकर तीन लाख से ज्यादा कर्मचारी न्यू पेंशन स्कीम की जद में आते हैं। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर राजधानी में अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने रविवार को कालियासोत मैदान पर प्रदर्शन की घोषणा की थी लेकिन प्रदर्शन के लिए मिली अनुमति प्रशासन ने निरस्त कर दी है।

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इस प्रदर्शन में प्रदेश भर से हजारों कर्मचारी शामिल होने वाले थे लेकिन उसके पहले ही सरकार का डंडा चला और प्रदर्शन की अनुमति निरस्त कर दी गई है। अब कर्मचारियों के संगठन अधिकारी कर्मचारी मोर्चा ने प्रदेश के आंदोलन करने वाले कर्मचारियों से कहा है कि प्रदर्शन निरस्त हो गई है। इसलिए अब जिलों में ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टरों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को देकर विरोध जताएंगे। गौरतलब है कि स्कूली शिक्षा विभाग के 2.37 लाख शिक्षक,जनजाति कार्य विभाग के 52 हजार शिक्षक और अन्य संवर्ग के 57 हजार कर्मचारी न्यू पेंशन स्कीम के दायरे में आते हैं।


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