शह मात The Big Debate: ‘धुरंधर’ पर वार पलटवार, सियासत धुआंधार!… हिंदू-मुस्लिम एंगल से गरमाई राजनीति? कांग्रेस ने लगाए आरोपी तो भाजपा ने ऐसे किया पलटवार

Dhurandhar 2 Controversy: हालिया रिलीज हुई फ़िल्म धुरंधर के पार्ट टू को लेकर अब सियासी बवाल और सवाल शुरु हो गए हैं।

शह मात The Big Debate: ‘धुरंधर’ पर वार पलटवार, सियासत धुआंधार!… हिंदू-मुस्लिम एंगल से गरमाई राजनीति? कांग्रेस ने लगाए आरोपी तो भाजपा ने ऐसे किया पलटवार

शह मात The Big Debate/image source: IBC24

Modified Date: March 20, 2026 / 11:34 pm IST
Published Date: March 20, 2026 11:34 pm IST
HIGHLIGHTS
  • धुरंधर के पार्ट टू को लेकर अब सियासी बवाल और सवाल शुरु हो गए हैं।
  • कुछ लोगों को ये लग रहा है कि- धुरंधर फिल्म- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचार के लिए खास मकसद से बनाई गई है।
  • मुस्लिम संगठनों ने भी आरोप लगाया कि- फ़िल्म मुस्लिमों को ग़लत तरीके से पेश करती है।

Dhurandhar 2 Controversy: भोपाल: हालिया रिलीज हुई फ़िल्म धुरंधर के पार्ट टू को लेकर अब सियासी बवाल और सवाल शुरु हो गए हैं। फिल्म निर्माता भले ही ये दावा कर रहे हों कि – फिल्म के कुछ तथ्य भले समान हों लेकिन ये किसी घटना या दौर की सच्ची कथा नही हैं, फिर भी कुछ लोगों को ये लग रहा है कि- धुरंधर फिल्म- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचार के लिए खास मकसद से बनाई गई है। भोपाल के कुछ मुस्लिम संगठनों ने भी आरोप लगाया कि- फ़िल्म मुस्लिमों को ग़लत तरीके से पेश करती है और सिर्फ मोदी के प्रचार के लिए बनाई गई है। (Dhurandhar 2 Controversy) उन्होंने समाज से अपील की है कि फ़िल्म को कतई न देखें चूँकि फ़िल्म के कथानक में 2014 के बाद से ही मजबूत भारत बताया गया है। ऐसे में फ़िल्म कांग्रेस को भी हज़म नहीं हो रही है। कांग्रेस कह रही है कि- फ़िल्म इलेक्शन और मोदी सरकार का प्रचार करने के लिए बनाई गई है।

ज़ाहिर है अपनी पार्टी के शीर्ष नेता पर कोई बिना मुक़ाबिल पद का संगठन सवाल खड़े करे, तो भाजपा का गुर्राना तय है। भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि- तुष्टिकरण करने वाले राजनैतिक दल और देश के प्रति प्रेम नहीं रखने वाले संगठनों को ही धुरंधर नहीं भा रही है।

Dhurandhar 2 Controversy:  इसमें कोई दो राय नहीं है कि धुरंधर फ़िल्म का पूरा कथानक उसी दौर का है, जबसे नरेंद्र मोदी- प्रधानमंत्री बने सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान कैसे तिलमिलाया से लेकर नोटबंदी को जस्टिफाई करने वाले प्रसंग भी फिल्म में हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या फ़िल्में भी चुनावों में लोगों का विचार बदलने में सहायक होती हैं। (Dhurandhar 2 Controversy)  सवाल ये भी कि पाकिस्तान के विरोध में बनी फ़िल्म को सीधा मुस्लिम विरोध से क्यूँ जोड़ दिया जाता है और सबसे बड़ा सवाल ये कि पार्ट वन के बाद रफ़्तार से पार्ट टू लाना क्या वाकई किसी मकसद के तहत हुआ है या निर्माताओं की काम करने की स्पीड की वज़ह से?

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