कान्हा टाइगर रिजर्व में असम से लाए गए चार और जंगली भैंसे छोड़े गए

कान्हा टाइगर रिजर्व में असम से लाए गए चार और जंगली भैंसे छोड़े गए

कान्हा टाइगर रिजर्व में असम से लाए गए चार और जंगली भैंसे छोड़े गए
Modified Date: May 9, 2026 / 10:13 pm IST
Published Date: May 9, 2026 10:13 pm IST

भोपाल, नौ मई (भाषा) असम के काजीरंगा से लाए गए चार और जंगली भैंसों को मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व (केटीआर) में विशेष रूप से निर्मित एक बाड़े में छोड़ा गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि मध्यप्रदेश के जंगलों से जंगली भैंसे लगभग एक सदी पहले विलुप्त हो गए थे।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) समीता राजोरा और अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एल कृष्णमूर्ति ने मंडला जिले के सुपखार रेंज में विशेष रूप से बनाए गए एक बाड़े में चार जंगली भैंसों को सफलतापूर्वक छोड़ा।

इस अवसर पर कान्हा टाइगर रिजर्व के निदेशक रवींद्र मणि त्रिपाठी, उपनिदेशक (कोर) प्रकाश वर्मा, उपनिदेशक (बफर) अमिता के बी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारी ने बताया कि सुपखार क्षेत्र में पहले भी जंगली भैंसे पाए जाते थे।

इससे पहले, 28 अप्रैल को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले चरण में एक नर और तीन मादा जंगली भैंसों को विशेष बाड़े में छोड़ा था।

उन्होंने बताया कि कान्हा रिजर्व में अब जंगली भैंसों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है और आगे भी चरणबद्ध तरीके से अन्य भैंसे लाए जाएंगे।

अधिकारी के अनुसार, इन जंगली भैंसों को विशेष वन्यजीव परिवहन वाहनों से लाया गया। करीब 2,220 किलोमीटर की यात्रा 72 घंटे में पूरी की गई, जिसके दौरान दो विशेषज्ञ वन्यजीव पशु चिकित्सकों ने लगातार उनकी स्वास्थ्य निगरानी की।

उन्होंने कहा कि जंगली भैंसे भारत की वन्यजीव विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और वन पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

अधिकारी ने कहा कि मध्य प्रदेश पहले ही बाघ, तेंदुआ और गिद्ध संरक्षण पहलों के लिए पहचान बना चुका है और जंगली भैंस पुनर्स्थापन अभियान इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

भाषा

दिमो रवि कांत


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