Bhopal Slaughter house | Photo Credit: IBC24
भोपाल: Bhopal Slaughter house हाथों में तख्तियां, नारेबाजी करते हिंदू संगठन के लोगों की ये तस्वीरें राजधानी भोपाल की हैं। ये आक्रोश यूं ही नहीं पनपा है। बल्कि पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी इसलिए है, क्योंकि एमपी में गौ हत्याओं के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन गहरी नींद में सो रहा है। गुरुवार को गौ-मांस से जुड़े एक मामले में सैंपल रिपोर्ट जारी हुई। उसके बाद आक्रोश की लहर दौड़ गई। दरअसल, 18 दिसंबर 2025 को विश्व हिंदू परिषद बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने भोपाल के जहांगीराबाद इलाके में 26 टन मांस से लोड एक ट्रक को पकड़ा था। पुलिस ने एक्शन लिया और सैंपल लेकर जांच शुरु की। गुरुवार को जांच में गौमांस होने की पुष्टि के बाद पुलिस ने लाइवस्टॉक फूड प्रोसेसर ,स्लाटर हाउस को सील कर दिया और 2 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
Bhopal News गौमांस की पुष्टि होते ही सूबे में सियासत भी गरमा गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि- एमपी में 22 सालों से बीजेपी सरकार होने के बावजूद गौ मांस पकड़ा जा रहा है, गौ हत्याएं हो रही हैं इसकी जिम्मेदार बीजेपी है। कांग्रेस ने प्रदेश में गौ हत्याओं के बढ़ते मामलों को लेकर जहां सरकार पर आरोपों की बौछार की, तो बीजेपी सफाई पेश करती नजर आई और दावा किया कि-दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।
कुलमिलाकर गौ हत्याओं पर सियासी वार-पलटवार जारी है, लेकिन सवाल ये है कि- एमपी में गौ हत्या प्रतिबंधित होने के बावजूद भी आए दिनों गौ हत्याएं क्यों हो रही हैं? इसका जिम्मेदार कौन है? सवाल ये भी कि-आखिर पुलिस प्रशासन क्यों सो रहा है? सवाल ये कि- अगर विहिप के कार्यकर्ता सामने ना आएं तो क्या गौमाता की हत्याओं का सिलिसिला जारी रहेगा? और सबसे बड़ा सवाल ये कि- क्या गौ हत्यारों को किसी का संरक्षण मिला हुआ है?