माता-पिता, शिक्षकों के सहयोग व कड़ी मेहनत से सिविल सेवा परीक्षा में मिली सफलता: राघव झुनझुनवाला

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माता-पिता, शिक्षकों के सहयोग व कड़ी मेहनत से सिविल सेवा परीक्षा में मिली सफलता: राघव झुनझुनवाला

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  • Publish Date - March 7, 2026 / 09:24 PM IST,
    Updated On - March 7, 2026 / 09:24 PM IST

मुजफ्फरपुर (बिहार), सात मार्च (भाषा) यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में चौथा स्थान हासिल करने वाले राघव झुनझुनवाला ने शनिवार को कहा कि उनके माता-पिता, शिक्षकों के सहयोग और कड़ी मेहनत ने उन्हें परीक्षा पास करने में मदद की।

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम घोषित किए। आयोग ने बताया कि कुल 958 उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुए हैं और उन्हें विभिन्न केंद्रीय लोक सेवाओं में नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया है।

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के निवासी राघव ने अपने तीसरे प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण की और चौथा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है।

राघव ने अपने पहले प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की, जबकि दूसरे प्रयास में वह व्यक्तित्व परीक्षण साक्षात्कार तक तो पहुंचे, लेकिन उत्तीर्ण नहीं हो सके।

राघव ने पत्रकारों को बताया, “यह यूपीएससी सीएसई में मेरा तीसरा प्रयास था। उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली जाने से पहले मैंने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा मुजफ्फरपुर में पूरी की।”

उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों के सहयोग के साथ-साथ परीक्षा के लिए की गई निरंतर कड़ी मेहनत को दिया।

परिवार के सदस्यों के अनुसार, दिल्ली पब्लिक स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, राघव ने मुजफ्फरपुर के जीडी मदर स्कूल से कक्षा 12वीं की पढ़ाई पूरी की, जहां वह सीबीएसई बिहार के टॉपर के रूप में उभरे।

राघव के मामा अरुण कुमार ने कहा, “उन्होंने 2022 में यूपीएससी सीएसई की तैयारी शुरू की थी, उसी साल उन्होंने अर्थशास्त्र में ऑनर्स विषय के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी।”

उन्होंने बताया कि राघव दिन में 12-14 घंटे पढ़ाई करता था। कुमार ने बताया कि वह (राघव) बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थे और सिविल सेवाओं में शामिल होने के अपने लक्ष्य पर पूरी तरह से केंद्रित रहे।

कुमार ने बताया कि पढ़ाई के अलावा राघव को फोटोग्राफी और बैडमिंटन जैसे शौक भी हैं।

भाषा

प्रशांत दिलीप

दिलीप