इंदौर पेयजल त्रासदी : गैर सरकारी संगठन का दावा-‘कैग रिपोर्ट की अनदेखी के कारण हो रही मौतें’

इंदौर पेयजल त्रासदी : गैर सरकारी संगठन का दावा-‘कैग रिपोर्ट की अनदेखी के कारण हो रही मौतें’

इंदौर पेयजल त्रासदी : गैर सरकारी संगठन का दावा-‘कैग रिपोर्ट की अनदेखी के कारण हो रही मौतें’
Modified Date: January 3, 2026 / 08:34 pm IST
Published Date: January 3, 2026 8:34 pm IST

इंदौर (मध्यप्रदेश), तीन जनवरी (भाषा) इंदौर में दूषित पानी से लोगों की सिलसिलेवार मौत के लिए पेयजल आपूर्ति तंत्र की गड़बड़ियों को जिम्मेदार ठहराते हुए एक गैर सरकारी संगठन ने शनिवार को दावा किया कि यह त्रासदी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 2019 की रिपोर्ट की अनदेखी का नतीजा है।

संगठन के मुताबिक इस रिपोर्ट में देश के सबसे स्वच्छ शहर के पेयजल आपूर्ति तंत्र की गड़बड़ियों को लेकर ‘‘गंभीर खुलासे’’ किए गए थे।

‘जन स्वास्थ्य अभियान मध्यप्रदेश’ के संयोजक अमूल्य निधि ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से हो रहीं मौतें व्यवस्थागत कमजोरियों और वर्षों से ज्ञात कमियों के साथ ही कैग की 2019 की एक रिपोर्ट के गंभीर खुलासों को अनदेखा करने का नतीजा है।’’

निधि ने कैग की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि इंदौर और भोपाल में 2013 और 2018 के बीच जल जनित बीमारियों के कुल 5.45 लाख मामले सामने आए थे क्योंकि इंदौर के 5.33 लाख परिवारों और भोपाल के 3.62 लाख परिवारों को शुद्ध पेयजल प्रदाय नहीं किया जा रहा था तथा इस अवधि में दोनों शहरों से लिए गए पानी के 4,481 नमूने पीने लायक नहीं पाए गए थे।

उन्होंने कहा, ‘‘रिपोर्ट के मुताबिक दोनों शहरों के नगर निगम जलापूर्ति करने वाले पाइपलाइन के लीकेज की शिकायत के निराकरण में 22 से लेकर 108 दिन तक का समय लगा रहे थे। ऐसे में लोगों की जान कैसे बचाई जा सकती है?’’

निधि ने बताया कि ‘जन स्वास्थ्य अभियान मध्यप्रदेश’ ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील और मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखकर कैग रिपोर्ट में किए गए खुलासों के आधार पर सूबे में पेयजल व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

इंदौर के प्रशासन ने भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को कहा था कि उन्हें इस प्रकोप में 10 मरीजों की मौत की जानकारी मिली है।

स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप के कारण छह माह के बच्चे समेत 16 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है।

भाषा हर्ष खारी

खारी


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