Indore BEO Scam: 8 साल..150 खाते और करोड़ों का गबन! आखिर कैसे एक क्लर्क और ऑपरेटर डकार गए करोड़ों रुपए,जानिए कैसे हुआ घोटाले का भंडाफोड़

Indore BEO Scam:: इंदौर के स्कूल शिक्षा विभाग में 2017 से चल रहे करीब 2 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। भोपाल ट्रेजरी की जांच में मामला सामने आने के बाद 150 से ज्यादा बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं।

Indore BEO Scam: 8 साल..150 खाते और करोड़ों का गबन! आखिर कैसे एक क्लर्क और ऑपरेटर डकार गए करोड़ों रुपए,जानिए कैसे हुआ घोटाले का भंडाफोड़

Indore BEO Scam/ Image Source : AI GENERATED


Reported By: Ravi Sisodiya,
Modified Date: January 8, 2026 / 06:39 pm IST
Published Date: January 8, 2026 6:33 pm IST
HIGHLIGHTS
  • इंदौर के BEO कार्यालय में 2 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का खुलासा।
  • सरकारी राशि रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में ट्रांसफर की गई।
  • भोपाल ट्रेजरी की जांच में मामला उजागर, 150 से अधिक खाते फ्रीज।

Indore BEO Scam: इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का खुलासा हुआ है। यह घोटाला इंदौर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में सामने आया है, जहां कर्मचारियों ने सरकारी राशि को परिजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया। यह गड़बड़ी 2017 से लगातार की जा रही थी और हैरानी की बात यह है कि स्थानीय अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। भोपाल ट्रेजरी की जांच में पूरा मामला उजागर हुआ है। Indore Education Scam

ऑपरेटर और क्लर्क की भूमिका अहम

Madhya Pradesh Scam News मिली जानकारी के अनुसार, कार्यालय के एक ऑपरेटर और एक क्लर्क ने मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। जिस भी सरकारी मद में राशि शेष रह जाती थी, उसे आरोपी सीधे अपने करीबी लोगों के खातों में ट्रांसफर कर देते थे। यह धांधली पांच अलग-अलग BEO Office Corruption के कार्यकाल के दौरान की गई। भोपाल की जांच टीम ने जब संदिग्ध कर्मचारियों से बैंक खातों का विवरण मांगा, तो उन्होंने टालमटोल शुरू कर दी। इसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 150 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। आशंका जताई जा रही है कि रिश्तेदारों के खातों का उपयोग कर कमीशन के आधार पर सरकारी राशि निकाली गई, जबकि शेष रकम आरोपियों ने स्वयं रख ली।

पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला

Indore Latest News आपको बता दें कि इससे पहले भी इंदौर में कलेक्टर कार्यालय में इसी तरह का घोटाला सामने आ चुका है, जिसमें कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की गई थी। अब सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर उठ रहा है कि आखिर आठ साल तक यह घोटाला कैसे चलता रहा और जिम्मेदार अधिकारी कैसे अनजान बने रहे। फिलहाल पुलिस और प्रशासन आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।

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