Indore Richest Beggar Mangilal/Image Source: IBC24
इंदौर: Indore Richest Beggar Mangilal: भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के दौरान सराफा क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया। वर्षों से भिक्षा मांगने वाला दिव्यांग भिक्षुक असल में करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला। महिला एवं बाल विकास विभाग की रेस्क्यू टीम ने जब उसकी सच्चाई उजागर की, तो हर कोई दंग रह गया।
Indore Richest Beggar Mangilal: भिक्षुक का नाम मांगीलाल है। मांगीलाल अलवास आश्रम, बाढ़ गंगा कुशवाहा नगर के पास रहते हैं। दिव्यांग होने के कारण शासन की ओर से रेड क्रॉस की मदद से उन्हें 1 बीएचके मकान भी उपलब्ध कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद मांगीलाल लगातार भिक्षावृत्ति करते रहे। सराफा क्षेत्र में मांगीलाल को लगभग हर दुकानदार पहचानता है। लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर बैग और हाथों में जूते के सहारे वह गलियों में घूमते हुए लोगों से भीख मांगते थे। संवेदनशीलता का फायदा उठाकर मांगीलाल प्रतिदिन 400 से 500 रुपये तक कमाते थे।
Indore Richest Beggar Mangilal: महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने जब उन्हें रेस्क्यू कर पूछताछ की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। मांगीलाल के पास तीन पक्के मकान हैं। इसके अलावा उनके पास तीन ऑटो हैं, जो किराए पर चलाए जाते हैं, और एक कार भी उनके पास है। रेस्क्यू के दौरान मांगीलाल ने यह भी स्वीकार किया कि वे सराफा में कई लोगों को ब्याज पर पैसा देते हैं और रोजाना ब्याज वसूलने के लिए वहीं जाते हैं। उनका कहना है कि वे किसी से जबरदस्ती भीख नहीं मांगते, लोग खुद उन्हें पैसे देते हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग को सराफा क्षेत्र से लगातार मांगीलाल के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। आगे की कार्रवाई शासन के निर्देशानुसार की जाएगी।