Indore Richest Beggar Mangilal: करोड़पति निकला दिव्यांग भिखारी! मांगीलाल की दौलत जानकर अधिकारियों के भी उड़ गए होश, रोज कमाता था 400-500 रुपए

Indore Richest Beggar Mangilal: करोड़पति निकला दिव्यांग भिखारी! मांगीलाल की दौलत जानकर अधिकारियों के भी उड़ गए होश, रोज कमाता था 400-500 रुपए

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  • Publish Date - January 18, 2026 / 05:48 PM IST,
    Updated On - January 18, 2026 / 05:49 PM IST

Indore Richest Beggar Mangilal/Image Source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • सराफा की गलियों का भिक्षुक
  • असली में तीन मकान
  • तीन ऑटो और एक कार का मालिक

इंदौर: Indore Richest Beggar Mangilal:  भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के दौरान सराफा क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया। वर्षों से भिक्षा मांगने वाला दिव्यांग भिक्षुक असल में करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला। महिला एवं बाल विकास विभाग की रेस्क्यू टीम ने जब उसकी सच्चाई उजागर की, तो हर कोई दंग रह गया।

भीख मांगने वाला असल में करोड़पति निकला  (Indore Mangilal News)

Indore Richest Beggar Mangilal: भिक्षुक का नाम मांगीलाल है। मांगीलाल अलवास आश्रम, बाढ़ गंगा कुशवाहा नगर के पास रहते हैं। दिव्यांग होने के कारण शासन की ओर से रेड क्रॉस की मदद से उन्हें 1 बीएचके मकान भी उपलब्ध कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद मांगीलाल लगातार भिक्षावृत्ति करते रहे। सराफा क्षेत्र में मांगीलाल को लगभग हर दुकानदार पहचानता है। लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर बैग और हाथों में जूते के सहारे वह गलियों में घूमते हुए लोगों से भीख मांगते थे। संवेदनशीलता का फायदा उठाकर मांगीलाल प्रतिदिन 400 से 500 रुपये तक कमाते थे।

तीन मकान, तीन ऑटो और एक कार का मालिक (Indore Mangilal)

Indore Richest Beggar Mangilal: महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने जब उन्हें रेस्क्यू कर पूछताछ की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। मांगीलाल के पास तीन पक्के मकान हैं। इसके अलावा उनके पास तीन ऑटो हैं, जो किराए पर चलाए जाते हैं, और एक कार भी उनके पास है। रेस्क्यू के दौरान मांगीलाल ने यह भी स्वीकार किया कि वे सराफा में कई लोगों को ब्याज पर पैसा देते हैं और रोजाना ब्याज वसूलने के लिए वहीं जाते हैं। उनका कहना है कि वे किसी से जबरदस्ती भीख नहीं मांगते, लोग खुद उन्हें पैसे देते हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग को सराफा क्षेत्र से लगातार मांगीलाल के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। आगे की कार्रवाई शासन के निर्देशानुसार की जाएगी।

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"इंदौर भिक्षावृत्ति मामला" क्या है?

इंदौर के सराफा क्षेत्र में भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के दौरान एक दिव्यांग भिक्षुक मांगीलाल की सच्चाई सामने आई। वह वर्षों से भिक्षा मांग रहा था, जबकि असल में करोड़ों की संपत्ति और कई वाहन उसके पास थे।

"भिक्षावृत्ति उन्मूलन इंदौर" की कार्रवाई कैसे हुई?

महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने शिकायतों के आधार पर मांगीलाल को रेस्क्यू किया। जांच में पता चला कि उसके पास तीन मकान, तीन ऑटो और एक कार है। आगे की कार्रवाई शासन के निर्देशानुसार की जाएगी।

"मांगीलाल भिक्षुक संपत्ति" का खुलासा कैसे हुआ?

रेस्क्यू और पूछताछ के दौरान मांगीलाल ने स्वीकार किया कि वह लोगों को ब्याज पर पैसा देता है और रोजाना सराफा क्षेत्र में पैसे वसूलने जाता है। भिक्षावृत्ति सिर्फ दिखावा था।