कैनबरा, चार मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने बुधवार को होली के अवसर पर हिंदुओं और दक्षिण एशियाई मूल के नागरिकों को बधाई दी तथा कहा कि रंगों के इस त्योहार को आधुनिक ऑस्ट्रेलिया के इतिहास में इतना उत्साहपूर्वक आत्मसात होते देखना वास्तव में अद्भुत है।
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय दूतावास के अनुसार, भारतीय प्रवासी समुदाय ऑस्ट्रेलिया में दूसरा सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ने वाला प्रवासी समुदाय है।
यह देखते हुए कि हिंदू और दक्षिण एशियाई मूल के कई ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए, होली साझा इतिहास, विरासत और परंपराओं का जश्न मनाने के लिए एक साथ आने का अवसर है, अल्बनीज़ ने कहा, ‘‘यह वास्तव में बुराई पर अच्छाई की विजय, मित्रता और क्षमा का चिरस्थायी मूल्य और मानवीय भावना की एकता का एक त्योहार है।’’
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह हमें खुद को और एक दूसरे को नया रूप देने का मौका देता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में अद्भुत बात यह है कि होली को आधुनिक ऑस्ट्रेलिया के इतिहास में बहुत उत्साहपूर्वक समाहित कर लिया गया है। यह रंगों, प्रेम और नव जीवन की आनंदमय अभिव्यक्ति है, जिसे सभी पृष्ठभूमि के लोग त्योहारों के कैलेंडर के एक प्रमुख आकर्षण के रूप में पूरे दिल से अपनाते हैं।’’
प्रधानमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश का समापन करते हुए कहा, “ईश्वर करे कि इस वर्ष की होली की खुशियां मित्रता बढ़ाए और समुदायों को मजबूत करे, ताकि गुलाल के मिट जाने के बाद भी, हमें जोड़ने वाली शक्ति बनी रहे।”
ऑस्ट्रेलिया में 2021 की जनगणना के अनुसार, लगभग 9,76,000 लोग भारतीय मूल के हैं, जबकि कैनबरा स्थित भारतीय उच्चायोग के अनुसार, सितंबर 2023 तक 1,22,391 भारतीय छात्र ऑस्ट्रेलिया में थे, जो विदेशी मूल के छात्रों का दूसरा सबसे बड़ा समूह है।
भाषा यासिर संतोष
संतोष