मध्यप्रदेश के पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में सुबह ‘दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ बजाने के निर्देश

मध्यप्रदेश के पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में सुबह ‘दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ बजाने के निर्देश

मध्यप्रदेश के पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में सुबह ‘दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ बजाने के निर्देश
Modified Date: March 8, 2026 / 05:59 pm IST
Published Date: March 8, 2026 5:59 pm IST

भोपाल, आठ मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश में पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में प्रशिक्षुओं के लिए पहले भगवद्गीता और रामचरितमानस के पाठ के निर्देश देने के बाद विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अब इन संस्थानों में सुबह ‘दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ लाउडस्पीकर पर बजाने को कहा है।

पुलिस प्रशिक्षण के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) राजा बाबू सिंह ने राज्य के आठ पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों को यह नया निर्देश जारी किया है। इन स्कूलों में वर्तमान में करीब 4,000 पुरुष और महिला प्रशिक्षु प्रशिक्षण ले रहे हैं।

ये प्रशिक्षु अगले कुछ महीनों में मध्यप्रदेश पुलिस बल में आरक्षक के रूप में शामिल होंगे।

सिंह ने बताया कि ‘दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ भगवान शिव से संबंधित एक संस्कृत स्तुति है।

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1994 बैच के अधिकारी सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘दक्षिणामूर्ति भगवान शिव का एक स्वरूप है, जो परम ज्ञान, योग, ध्यान और विद्या के ब्रह्मांडीय गुरु का प्रतिनिधित्व करता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों से कहा है कि वे परिसर में लगे लाउडस्पीकर के माध्यम से सुबह ‘दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ का प्रसारण करें। इससे प्रशिक्षुओं में सहानुभूति और संवेदनशीलता विकसित होगी, जो उन्हें अच्छा इंसान और स्मार्ट तथा पेशेवर पुलिसकर्मी बनने में मदद करेगी।’’

सिंह ने कहा कि यह कदम प्रशिक्षण स्कूलों में दिए जा रहे मौजूदा प्रशिक्षण को और बेहतर बनाने में सहायक होगा।

उन्होंने इससे पहले इन प्रशिक्षण स्कूलों को प्रशिक्षुओं के लिए भगवद्गीता और रामचरितमानस के पाठ सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए थे, ताकि वे ‘‘धार्मिक और नैतिक मूल्यों’’ के अनुरूप जीवन जी सकें।

हाल में उन्होंने गणतंत्र दिवस पर एक मदरसे के छात्रों को संबोधित करते हुए उनसे कुरान के साथ भगवद्गीता पढ़ने की भी अपील की थी और कहा था कि इससे उनका जीवन मार्ग ‘‘प्रकाशित’’ होगा।

भाषा सं दिमो खारी

खारी


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