Cruise Pilot Mahesh Patel Statement: क्रूज हादसे में पायलट के सूचना की प्रशासन ने की अनदेखी!.. 7 महीने पहले ही दे दी थी जानकारी.. यलो अलर्ट को लेकर भी बड़ा खुलासा

Cruise Pilot Mahesh Patel Statement: क्रूज हादसे में पायलट के सूचना की प्रशासन ने की अनदेखी!.. 7 महीने पहले ही दे दी थी जानकारी.. यलो अलर्ट को लेकर भी बड़ा खुलासा

Cruise Pilot Mahesh Patel Statement: क्रूज हादसे में पायलट के सूचना की प्रशासन ने की अनदेखी!.. 7 महीने पहले ही दे दी थी जानकारी.. यलो अलर्ट को लेकर भी बड़ा खुलासा

Cruise Pilot Mahesh Patel Statement/Image Source: IBC24

Modified Date: May 8, 2026 / 06:30 pm IST
Published Date: May 8, 2026 6:26 pm IST
HIGHLIGHTS
  • क्रूज़ पायलट ने दावा किया कि इंजन खराबी की सूचना 7 महीने पहले दी गई थी
  • हादसे के समय यलो अलर्ट की जानकारी नहीं मिलने का आरोप
  • प्रशासन और विभागीय लापरवाही पर उठ रहे गंभीर सवाल

Cruise Pilot Mahesh Patel Statement: जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज़ डूबने से दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी। अचानक तेज आंधी आई जिसमें क्रूज पलट गया और पल भर में कई परिवार उजड़ गया। लोग नर्मदा नदी में समा गए। वही इस मामले में अब क्रूज पायलट महेश पटेल ने खुलासा करते हुए बड़ा बयान दिया है।

क्रूज पायलट महेश पटेल (Cruise Pilot Mahesh Patel Statement) ने बताया कि क्रूज़ के एक इंजन में पहले से खराबी थी और इसकी जानकारी विभाग को करीब 7 महीने पहले ही पत्र लिखकर दे दी गई थी। पायलट के मुताबिक, बोट क्लब मैनेजर सुनील मरावी ने अक्टूबर महीने में विभाग को पत्र भेजकर तकनीकी खराबी की जानकारी दी थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

यलो अलर्ट की नहीं दी गई थी जानकारी

महेश पटेल (Cruise Pilot Mahesh Patel Statement) ने कहा कि हादसे के समय उन्हें किसी भी तरह के यलो अलर्ट की जानकारी नहीं दी गई थी।  उन्होंने बताया कि हादसे के दौरान क्रूज़ के लोअर डेक में अचानक पानी भरने लगा, जिससे यात्री फंस गए।

मैं भागा नहीं, बह गया: पायलट

क्रूज़ पायलट (Cruise Pilot Mahesh Patel Statement) ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि वह हादसे के बाद भागे नहीं थे, बल्कि क्रूज़ डूबने से पानी के तेज बहाव में बह गए थे। उन्होंने कहा कि क्रूज़ केवल वही नहीं चलाते थे, बल्कि उनके अलावा भी कई लोग इसे ऑपरेट करते थे।

सवालों के घेरे में प्रशासन

अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि तकनीकी खराबी की जानकारी पहले से थी, तो आखिर क्रूज़ को संचालन की अनुमति कैसे दी गई? क्या विभागीय अधिकारियों ने चेतावनी को नजरअंदाज किया? साथ ही मौसम अलर्ट की सूचना ऑपरेटर तक क्यों नहीं पहुंची?

 

 

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