Jabalpur Smart Meter Protest : बिजली विभाग पर भड़के कांग्रेसी! स्मार्ट मीटर लगाने पर जमकर बवाल, कहा– उपभोक्ता की इच्छा पर निर्भर है
जबलपुर के सुभद्रा कुमारी चौहान वार्ड में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने को लेकर उपभोक्ताओं और बिजली विभाग के बीच विवाद बढ़ गया है। विरोध के बाद पुलिस को बुलाना पड़ा और कांग्रेस नेता भी समर्थन में मैदान में उतर आए। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना सहमति के मीटर लगाए जा रहे हैं, जबकि विभाग का कहना है कि समझाइश के बाद ही मीटर लगाए जा रहे हैं।
Jabalpur Smart Meter Protest/ Image Source : IBC24
- जबलपुर में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने को लेकर उपभोक्ताओं और बिजली विभाग के बीच तनाव।
- विरोध बढ़ने पर मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी, कांग्रेस नेता भी समर्थन में उतरे।
- कांग्रेस का आरोप—उपभोक्ता की मर्जी के बिना ठेकेदारों के दबाव में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर।
जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्मार्ट बिजली मीटर का विरोध लगातार जारी है। बिजली कंपनियों ने लोगों के घरों में किसी न किसी तरीके से स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी रखा हुआ है। Jabalpur Smart Meter Protest इसी कड़ी में ताजा मामला राइट टाउन चार नंबर गेट स्थित सुभद्रा कुमारी चौहान वार्ड का है, जहाँ पिछले तीन दिनों से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। Jabalpur News बिजली विभाग द्वारा घरों में स्मार्ट मीटर लगाने की कोशिशों ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब अधिकारियों ने मौके पर पुलिस बुला ली और विरोध कर रहे उपभोक्ताओं ने इसकी जानकारी कांग्रेस नेता को दी, जिसके बाद समर्थन में कांग्रेस नेता भी मैदान में उतर आए।
मिली जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सुभद्रा कुमारी चौहान वार्ड में मीटर लगाने का प्रयास कर रहे थे। MP Electricity Department Smart Meter इस दौरान स्थानीय उपभोक्ताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की विभाग के अधिकारियों के साथ जमकर कहासुनी हुई। अधिकारियों का कहना है कि जनता के बीच स्मार्ट मीटर को लेकर कई गलतफहमियां हैं, जिन्हें दूर करने के लिए समझाइश दी जा रही है। विभाग का दावा है कि समझाइश के बाद लोग स्वेच्छा से मीटर लगवा रहे हैं।
कांग्रेस और उपभोक्ताओं का आरोप
दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि बिजली कंपनियां ठेकेदार कंपनियों के दबाव में आकर जनता को गुमराह कर रही हैं। Smart Meter Mandatory or Optional ? उनका कहना है कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश हैं कि स्मार्ट मीटर लगाना उपभोक्ता की इच्छा पर निर्भर है और यह केवल एक विकल्प है। बावजूद इसके बिजली कंपनियां स्मार्ट मीटर लगाने वाली ठेकेदार कंपनियों के दबाव में जाकर लोगों को गुमराह करके स्मार्ट बिजली मीटर लगवा रही हैं। बहरहाल कांग्रेस ने विरोध जरूर किया, लेकिन उनके विरोध का कोई असर न तो बिजली कंपनियों पर पड़ा और न ही मीटर लगाने की योजना पर कोई असर दिख रहा है।
इन्हें भी पढ़ें:-
- भरोसे की बुनियाद बनी ‘नियद नेल्लानार’ योजना, अंदरूनी इलाकों में पहुंची विकास की रोशनी, रंग लाई साय सरकार की मेहनत
- ‘मोदी कार्यकर्ता, नबीन बॉस’, बीजेपी में नए युग की शुरूआत, कांग्रेस में फिर राहुल को कमान ? पोस्टर से सियासत गर्म
- शह मात The Big Debate: DMF फंड विवाद पर छत्तीसगढ़ में सियासी तूफान, दर्द ए ननकी..मची रार..क्यों लगी PMO तक गुहार?
- विवादित कमेंट पर युद्ध शेष! कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिपण्णी को लेकर अपने ही मंत्री को गिरफ्तार करेगी क्या एमपी सरकार?
- हनुमान मूर्ति का परिक्रमा लगाने वाले कुत्ते के जल्द स्वस्थ होने की कामना, लोगों ने मंदिर में की विशेष पूजा और भंडारा


Facebook


