Vishnu Ka Sushasan: भरोसे की बुनियाद बनी ‘नियद नेल्लानार’ योजना, अंदरूनी इलाकों में पहुंची विकास की रोशनी, रंग लाई साय सरकार की मेहनत

भरोसे की बुनियाद बनी ‘नियद नेल्लानार’ योजना, अंदरूनी इलाकों में पहुंची विकास की रोशनी, Niyada Nellanar Scheme in Bastar Chhattisgarh

Vishnu Ka Sushasan: भरोसे की बुनियाद बनी ‘नियद नेल्लानार’ योजना, अंदरूनी इलाकों में पहुंची विकास की रोशनी, रंग लाई साय सरकार की मेहनत
Modified Date: January 21, 2026 / 12:13 am IST
Published Date: January 21, 2026 12:09 am IST

रायपुरः Niyada Nellanar Scheme in Bastar: मध्य भारत में बसे छत्तीसगढ़ बीतें 40 वर्षों से नक्सलवाद की चुनौती का सामना करता रहा है। यह समस्या केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विश्वास के रास्ते में भी बड़ी बाधा बनी। 2023 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में सरकार बनते ही इसके खात्मे के लिए केंद्र सरकार के समन्वय के साथ एक बड़ी रणनीति बनाई गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बनी सरकार ने इस चुनौती को खत्म करने के लिए सुरक्षा, विकास और संवाद तीनों पर समान रूप से जोर दिया है। सुशासन को मूलमंत्र मानने वाली सरकार ने सबसे पहले सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाई। वहीं दूसरी ओर साय सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाकों के विकास के लिए कई योजना बनाई। इनमें ‘नियद नेल्लानार’ योजना प्रमुख रूप से शामिल है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाका माओवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित था। यहां लंबे समय तक विकास की गति बाधित रही है। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं की गति को नक्सलवाद ने रोक रखा था। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई ‘नियद नेल्लानार’ योजना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है। यह योजना न केवल विकास को गति देने का माध्यम बनी है, बल्कि लोगों के मन में शासन के प्रति भरोसा भी मजबूत कर रही है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों को राशन कार्ड, आधार, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, किसान सम्मान निधि, छात्रवृत्ति, मनरेगा जॉब कार्ड और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ तेजी से मिलने लगा है

गांवों के विकास के लिए प्रतिबद्ध साय सरकार

Vishnu Ka Sushasan: सरकार बनने के महज 2 महीने के बाद 15 फरवरी 2024 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस नियद नेल्लानार योजना की घोषणा की थी। इस योजना के तहत स्थानीय लोगों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षा कैंप खोले गए हैं और इन सुरक्षा कैंपों की पांच किमी की परिधि में आने वाले गांवों में सरकार की कल्याणकारी एवं विकास योकजनाओं के अंतर्गत मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराए गए। आवास, पानी बिजली, सड़क, स्कूल आदि सेवाएं उपलब्ध कराई गई। नियद नेल्लानार का मतलब है “आपका अच्छा गांव” या “योर गुड विलेज”। नियद नेल्लानार स्थानीय दंडामी बोली दक्षिण बस्तर में बोली जाने वाली है। योजना का मुख्य फोकस इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर है. इसका क्रियान्वयन विशेष रूप से वनांचल क्षेत्रों में किया जा रहा है, जहां विकास की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है। इसी का परिणाम रहा कि बस्तर के कई गावों में विकास की नई दिशा देखने को मिली।

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लोगों तक बढ़ी प्रशासन की पहुंच

Niyada Nellanar Scheme in Bastar  नियद नेल्लानार योजना का सबसे बड़ा प्रभाव सामाजिक विश्वास के स्तर पर देखने को मिल रहा है। जिन इलाकों में पहले सरकारी कर्मचारी जाने से कतराते थे, वहां अब नियमित रूप से प्रशासनिक गतिविधियां हो रही हैं। इससे ग्रामीणों को यह एहसास हो रहा है कि सरकार उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर है। नतीजतन, स्थानीय लोगों का झुकाव विकास और शांति की ओर बढ़ा है और नक्सली प्रभाव कमजोर पड़ रहा है। योजना ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की रणनीति को भी मजबूती दी है। विकास और संवाद के जरिए लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने से नक्सल संगठनों की पकड़ ढीली हुई है। युवाओं को रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और शिक्षा के अवसर मिलने से वे हिंसा के रास्ते से दूर होकर बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।

नियद नेल्लानार योजना के उद्देश्य

  • शिक्षा में सुधार: योजना के तहत प्राथमिक विद्यालयों से लेकर उच्च शिक्षा संस्थानों तक बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है।
  • स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को पहुंचाने के लिए मोबाइल हेल्थ यूनिट और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना की गई है।
  • आजीविका के अवसर प्रदान करना: स्थानीय समुदायों को कृषि, वन उत्पादों और हस्तशिल्प के क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना।
  • बुनियादी ढांचा विकास: सड़कों, बिजली, पेयजल और सिंचाई की सुविधाओं का विस्तार।
  • सामाजिक सुरक्षा: आदिवासी समुदायों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना।

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लेखक के बारे में

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