Professor Bharti Stay Order: हाईकोर्ट ने प्रोफेसर भर्ती पर लगा दी रोक, सरकार से इस विषय में मांगा जवाब, यह है पूरा मामला…

Professor Bharti Stay Order: मध्यप्रदेश की चिकित्सा शिक्षा विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर भर्ती पर बड़ा अपडेट सामने आया है। दरअसल चिकित्सा शिक्षा विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर भर्ती पर हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है।

Professor Bharti Stay Order: हाईकोर्ट ने प्रोफेसर भर्ती पर लगा दी रोक, सरकार से इस विषय में मांगा जवाब, यह है पूरा मामला…

prodessor bharti/ image source: IBC24

Modified Date: February 24, 2026 / 06:58 pm IST
Published Date: February 24, 2026 5:21 pm IST
HIGHLIGHTS
  • जबलपुर- चिकित्सा शिक्षा विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर भर्ती मामला
  • एसोसिएट प्रोफेसर भर्ती का रिज़ल्ट जारी करने पर रोक
  • HC ने रिज़ल्ट पर रोक लगाकर मांगा राज्य सरकार से जवाब

Professor Bharti Stay Order: जबलपुर: मध्यप्रदेश की चिकित्सा शिक्षा विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर भर्ती पर बड़ा अपडेट सामने आया है। दरअसल चिकित्सा शिक्षा विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर भर्ती पर हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने भर्ती का रिजल्ट जारी करने पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। निशा चंदेल सहित नर्सिंग अधिकारियों ने पदोन्नति की बजाय सीधी भर्ती के खिलाफ याचिका दायर की थी। चलिए विस्तार से पूरा मामला बताते हैं।

Madhya Pradesh News: एसोसिएट प्रोफेसर भर्ती का रिज़ल्ट जारी करने पर रोक

मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित चिकित्सा शिक्षा विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर भर्ती को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। हाईकोर्ट ने एसोसिएट प्रोफेसर पदों की भर्ती का परिणाम जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है और राज्य सरकार से इस मामले में जवाब तलब किया है। मामला उन पदों को लेकर है जिन्हें नियमों के अनुसार पदोन्नति से भरा जाना था, लेकिन विभाग द्वारा सीधे भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, जिससे विभागीय कर्मचारियों में असंतोष बढ़ गया।

Sarkari Bharti News: याचिकाकर्ताओं ने भर्ती को लेकर क्या तर्क दिया ?

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग में कार्यरत पात्र नर्सिंग अधिकारियों और शिक्षकों को पदोन्नति का अवसर दिए बिना सीधे भर्ती कर पद भरे जा रहे थे, जो सेवा नियमों के विरुद्ध है। इसी के विरोध में निशा चंदेल सहित अन्य नर्सिंग अधिकारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर भर्ती प्रक्रिया और संभावित परिणाम पर रोक लगाने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि पदोन्नति योग्य कर्मचारियों की अनदेखी कर बाहरी उम्मीदवारों को अवसर देना सेवा न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।

प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने भर्ती परिणाम जारी करने पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार और संबंधित विभाग को नोटिस जारी किया है तथा अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के इस आदेश से चिकित्सा शिक्षा विभाग की भर्ती प्रक्रिया फिलहाल अटक गई है और प्रभावित कर्मचारियों को राहत मिली है। अब राज्य सरकार को स्पष्ट करना होगा कि पदोन्नति के प्रावधानों के बावजूद सीधे भर्ती का निर्णय किन परिस्थितियों में लिया गया। यह मामला आने वाले दिनों में विभागीय भर्ती नीतियों और पदोन्नति व्यवस्था पर व्यापक असर डाल सकता है।


लेखक के बारे में

पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक हूँ। मीडिया क्षेत्र में 3 वर्षों का विविध अनुभव प्राप्त है, जहां मैंने अलग-अलग मीडिया हाउस में एंकरिंग, वॉइस ओवर और कंटेन्ट राइटिंग जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। IBC24 में मैं अभी Trainee-Digital Marketing के रूप में कार्यरत हूँ।