Jyotiraditya Scindia News: केंद्रीय मंत्री सिंधिया आज प्रदेश को देंगे बड़ी सौगात, करोड़ों की अडानी डिफेंस परियोजना का करेंगे शिलान्यास, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

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Jyotiraditya Scindia News: केंद्रीय मंत्री सिंधिया आज शिवपुरी को देंगे बड़ी सौगात, करोड़ों की अडानी डिफेंस परियोजना का करेंगे शिलान्यास।

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  • Publish Date - July 5, 2026 / 09:58 AM IST,
    Updated On - July 5, 2026 / 10:00 AM IST

Jyotiraditya Scindia News/Photo Creadit: IBC24 File

HIGHLIGHTS
  • शिवपुरी में लगभग ₹2,500 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास होगा
  • परियोजना से करीब 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है
  • ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को देश के प्रमुख डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम

शिवपुरी। Jyotiraditya Scindia News: केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया आज रविवार 5 जुलाई को दोपहर 1:00 बजे अपने संसदीय क्षेत्र के शिवपुरी शहर में अडानी समूह द्वारा स्थापित किए जा रहे लगभग ₹2,500 करोड़ की लागत वाले अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट (Adani Defence Manufacturing Plant) का भूमिपूजन करेंगे। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के साथ-साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के औद्योगिक विकास के विज़न को नई गति प्रदान करेगी।

उल्लेखनीय है कि यह परियोजना सिंधिया के सतत प्रयासों का परिणाम है, जिसके माध्यम से ग्वालियर-चंबल अंचल देश के उभरते हुए रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित होने जा रहा है। (Adani Defence Investment)

ग्वालियर-चंबल बनेगा देश का नया डिफेंस हब

Jyotiraditya Scindia News शिवपुरी में स्थापित होने वाला यह अत्याधुनिक संयंत्र क्षेत्र को देश के प्रमुख रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। ग्वालियर में पहले से संचालित स्मॉल आर्म्स मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स और शिवपुरी के इस नए एडवांस्ड डिफेंस प्लांट के साथ पूरे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में एक सशक्त डिफेंस इकोसिस्टम विकसित होगा। इस प्लांट से भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।

5,000 रोजगार के अवसर और स्थानीय उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना के माध्यम से लगभग 5,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही क्षेत्र के छोटे एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) को रक्षा उत्पादन की सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिलेगा। ग्वालियर स्थित अडानी स्मॉल आर्म्स प्लांट से पहले ही 25 से अधिक स्थानीय एमएसएमई जुड़े हुए हैं तथा शिवपुरी परियोजना से यह दायरा और विस्तृत होगा।

तीन वर्षों में पूर्ण होगा निर्माण

Jyotiraditya Scindia News विदित रहे कि परियोजना का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में पूर्ण रूप से तैयार होकर उत्पादन प्रारंभ करना है। यह केवल निवेश की घोषणा नहीं, बल्कि निश्चित समय-सीमा के साथ क्रियान्वित की जा रही एक महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजना है। (Madhya Pradesh Defence Hub)

ग्वालियर प्लांट की सफलता के बाद नई उपलब्धि

ग्वालियर स्थित अडानी स्मॉल आर्म्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट आज देश के सबसे बड़े निजी रक्षा विनिर्माण परिसरों में शामिल है। यहां निर्मित ‘प्रहार’ लाइट मशीन गन (LMG) की पहली खेप भारतीय सेना को निर्धारित समय-सीमा से 11 माह पहले सौंपना इस संयंत्र की उल्लेखनीय उपलब्धि रही है। इसी प्लांट के माध्यम से क्षेत्र में लगभग 3,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार पहले ही सृजित हो चुके हैं।

औद्योगिक विकास की नई पहचान बन रहा है ग्वालियर-चंबल

Jyotiraditya Scindia News केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सतत प्रयासों से ग्वालियर-चंबल अंचल में औद्योगिक निवेश लगातार बढ़ रहा है। बदरवास में जैकेट निर्माण इकाई, गुना में लगभग ₹1,059 करोड़ की सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट तथा अब शिवपुरी में ₹2,500 करोड़ का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट इस बात का प्रमाण हैं कि यह पूरा क्षेत्र तेजी से मध्य भारत के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।

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शिवपुरी में बनने वाले डिफेंस प्लांट की लागत कितनी है?

इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹2,500 करोड़ बताई गई है।

इस प्लांट का शिलान्यास कौन करेंगे?

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवपुरी में इस परियोजना का भूमिपूजन करेंगे।

इस परियोजना से कितने रोजगार मिलेंगे?

इस डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से लगभग 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है।

इस प्लांट में क्या बनाया जाएगा?

यहां आधुनिक रक्षा उपकरण, एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम और मिसाइल संबंधी तकनीकों के निर्माण की योजना है।

परियोजना कब तक पूरी होने की संभावना है?

परियोजना का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में निर्माण पूरा कर उत्पादन शुरू करना है।