उज्जैन: MP Hindi News उज्जैन में हाल ही में आयोजित स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट में मध्यप्रदेश के पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने टूरिज्म से जुड़े कई अहम पहलुओं पर जानकारी दी और प्रदेश में निवेश की बढ़ती संभावनाओं की बात कही।
-उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में टूरिस्ट सेक्टर में तेजी से वृद्धि हुई है। कोरोना के पहले 8 करोड़ थे, जो अब 11 करोड़ हो चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा पर्यटक उज्जैन पहुंचे।
-2024 में 7 करोड़ से अधिक हो गए हैं। सरकार का जोर ईज ऑफ डूइंग पर है। कई तरह की परमिशन को घटाकर 10 कर दिया है, जो अब ऑनलाइन किया गया है।
– प्रदेश में टूरिज्म सेक्टर में निवेश करने पर 15 से 30 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी दी जा रही है। टूरिज्म पॉलिसी में होटल, रिजॉर्ट और वेलनेस सेंटर में भी 30 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।
– पचमढ़ी, अमरकंटक जैसी वेलनेस के प्रमुख स्थान प्रदेश में मौजूद हैं। एमपीटी के प्रदेशभर में 20 होटल्स हैं। यहां वेलनेस एक्टिविटी शुरू की जाएंगी। इनमें से तीन आईलैंड रिजॉर्ट हैं। यहां निवेश की संभावनाएं हैं। इंदौर और उज्जैन में होटल्स निर्माण के लिए लैंड पार्सल्स उपलब्ध हैं। इंदौर एयरपोर्ट के पास शीघ्र ही एयरोसिटी डेवलप किया जाएगा।
– मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख धर्मस्थलों को लोक के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है। 50 नए ऑफबीट डेस्टिनेशन डेवलप किए जा रहे हैं।
– मध्यप्रदेश में देश की एक चौथाई 18 वर्ल्ड हैरिटेज साइट्स हैं। नेशनल टाइगर रिजर्व के आसपास रिजॉर्ट्स कल्चर और वेलनेस के हब बन सकते हैं। इसके लिए बीटूबी मीटिंग्स कराई जाएंगी। प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट्स के आसपास लैंड पार्सल्स देखे जा रहे हैं।
– भोपाल के पास रातापानी नेशनल पार्क और दो हैरिटेज साइट्स सांची और भीमबैठिका हैं। यहां भी निवेश की संभावना है। पचमढ़ी और खजुराहो में भी वेलनेस एक्टिविटी को प्रमोट किया जा सकता है।

