मप्र बजट सत्र: इंदौर जल त्रासदी, प्रदेश की आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस

मप्र बजट सत्र: इंदौर जल त्रासदी, प्रदेश की आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस

मप्र बजट सत्र: इंदौर जल त्रासदी, प्रदेश की आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस
Modified Date: February 16, 2026 / 10:11 pm IST
Published Date: February 16, 2026 10:11 pm IST

भोपाल, 16 फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने सोमवार को यहां विधायक दल की बैठक कर मध्यप्रदेश में सोमवार से आरंभ हुए बजट सत्र में इंदौर जल त्रासदी, प्रदेश की आर्थिक स्थिति और किसानों की हालत सहित अन्य मुद्दों के जरिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार को घेरने की रणनीति बनाई।

बैठक के बाद राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी ने कहा कि सत्र के दौरान वह कथित आरोपी मंत्रियों के इस्तीफे की मांग, बढ़ते भ्रष्टाचार और महिला अपराध, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए गए बदलावों और आदिवासी, दलित एवं ओबीसी समुदाय के अधिकारों के मुद्दों को भी जोरशोर से उठाएगी।

राज्यपाल मंगू भाई पटेल के अभिभाषण से सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की हंगामेदार शुरुआत हुई। उनके अभिभाषण के दौरान कांग्रेस सदस्यों ने हंगामा किया, जिसके बाद पटेल ने अपना भाषण पूरा पढ़े बिना ही सदन से विदाई ले ली।

बाद में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के शेष अंश को पढ़ा हुआ माना जाए और फिर उन्होंने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।

शाम में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार के आवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की गई और बजट सत्र के दौरान उठाए जाने वाले जनहित के मुद्दों पर चर्चा की गई।

बैठक के बाद सिंघार ने एक बयान में कहा, ‘यह बजट सत्र केवल आंकड़ों का खेल नहीं बनने दिया जाएगा, बल्कि प्रदेश की जनता, किसानों, युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, दलितों एवं पिछड़े वर्गों की आवाज़ को मजबूती से सदन में उठाया जाएगा।’

उन्होंने दावा किया कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से उत्पन्न भीषण स्वास्थ्य आपदा में 34 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है और कांग्रेस इस सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी।

सिंघार ने कहा, ‘इस गंभीर लापरवाही पर स्थगन प्रस्ताव दिया गया है, किंतु सरकार चर्चा से बच रही है। कांग्रेस विधायक दल इस मुद्दे पर सदन में जवाबदेही तय करने की मांग करेगा।’

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनिवार्य सरकारी खरीद से वंचित किया जा रहा है और सरकार सीधी खरीद से बचकर ‘भावांतर मॉडल’ थोप रही है।

उन्होंने आशंका जताई कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के संभावित प्रभावों से भी मध्यप्रदेश के किसान प्रभावित हो सकते हैं और कांग्रेस किसानों के इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगी।

सिंघार ने दावा किया कि बजट के बढ़ते आकार के साथ प्रदेश पर कर्ज़ का बोझ बजट से भी ज्यादा हो गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार पर प्रदेश की वास्तविक आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने का दबाव बनाया जाएगा।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी सत्र के दौरान गंभीर प्रशासनिक विफलताओं और जवाबदेही के प्रश्न पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राजेन्द्र शुक्ल तथा विजय शाह से इस्तीफे की मांग को जोरशोर से उठाएगी।

उन्होंने कहा कि इनके अलावा रुकी हुई सरकारी भर्तियों को चालू करने, प्रदेश में भ्रष्टाचार और महिला अपराधों में बढ़ोतरी और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे को भी सत्र में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि साथ ही आदिवासी एवं दलित अधिकारों पर लगातार हो रहे हमलों को भी सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा।

सिंघार ने कहा कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड अजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) में पूरी मजदूरी की मांग और इसमें हो रहे भ्रष्टाचार पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘कांग्रेस विधायक दल जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यह बजट सत्र सरकार की जवाबदेही तय करेगा। हम हर मुद्दे पर तथ्य और प्रमाण के साथ सरकार से जवाब मांगेंगे और सच्चाई को प्रदेश की जनता के सामने लाएंगे।’’

भाषा ब्रजेन्द्र गोला

गोला


लेखक के बारे में