भोपाल, 28 जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल के नव विकसित निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर दो रेलगाड़ियों के ठहराव को क्षेत्र के यात्रियों के लिए नयी सौगात बताया।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे का नेटवर्क इतना व्यापक है कि कई देशों की कुल आबादी के बराबर लोग प्रतिदिन इसकी ट्रेनों में यात्रा करते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डॉ. आंबेडकर नगर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा मालवा एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए रेलवे सुविधाओं के विस्तार का काम लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल को निशातपुरा के रूप में चौथा रेलवे स्टेशन मिला है और यह दर्शाता है कि पिछले 12 वर्षों में रेलवे का ‘‘न भूतो न भविष्यति’’ विकास हुआ है।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं और निशातपुरा स्टेशन शुरू होने के बाद नयी दिल्ली से उज्जैन और इंदौर की ओर जाने वाली ट्रेनों को ट्रैक तथा इंजन बदलने की आवश्यकता नहीं होगी।
यादव ने कहा, ‘‘निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनों के ठहराव से यात्रियों को नयी सुविधा मिली है। निशातपुरा में रुकने वाली ट्रेनें शिव और शक्ति की प्रतीक हैं।’’
उन्होंने कहा कि अब नयी दिल्ली से उज्जैन और इंदौर आने-जाने वाले यात्रियों का काफी समय बचेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन सिंहस्थ को देखते हुए भारतीय रेलवे की ओर से लगातार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, क्योंकि इस आयोजन में अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालुओं के मध्यप्रदेश आने की संभावना है।
उन्होंने कहा, ‘‘इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए नए रेलवे स्टेशन यात्रियों की भीड़ का दबाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। निशातपुरा क्षेत्र में 14 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह स्टेशन नागरिकों के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा। यहां कई नयी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब नयी दिल्ली से उज्जैन और इंदौर आने-जाने में समय की बचत होगी और यात्रियों को भोपाल मुख्य स्टेशन जाए बिना सीधे ट्रेन मिल सकेगी।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल में अब रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन, संत हिरदाराम रेलवे स्टेशन और निशातपुरा रेलवे स्टेशन सहित कुल चार प्रमुख स्टेशन हो गए हैं।
भाषा
ब्रजेन्द्र रवि कांत