मध्यप्रदेश की अदालत ने जबलपुर नौका हादसे में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया
मध्यप्रदेश की अदालत ने जबलपुर नौका हादसे में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया
जबलपुर, पांच मई (भाषा) मध्यप्रदेश की एक अदालत ने जबलपुर जिले में बरगी बांध जलाशय में नौका दुर्घटना के मामले का मंगलवार को संज्ञान लेते हुए पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी।
न्यायिक मजिस्ट्रेट डी पी सुत्राकर की अदालत ने कहा कि क्रूज नौका चालक और अन्य कर्मियों द्वारा डूब रहे यात्रियों को बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं करना ‘‘गैर इरादतन हत्या के प्रयास’’ की श्रेणी में आता है। अदालत ने बरगी थाने को दो दिन के भीतर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य पर्यटन विभाग द्वारा संचालित यह नौका 30 अप्रैल को पलट गई थी, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत 13 लोगों की मौत हो गई जबकि 28 लोगों को बचा लिया गया था। राज्य सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि समाचार पत्रों और सोशल मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर यह पता चला है कि नौका चालक लापरवाही और अनुचित तरीके से इसका परिचालन चला रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
अदालत ने कहा कि नौका चालक खुद सुरक्षित निकल गया और यात्रियों को डूबने के लिए छोड़ दिया। अदालत ने कहा कि उसका यह आचरण भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106 (लापरवाही से मृत्यु) और धारा 110 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) के तहत अपराध की श्रेणी में आता है।
अदालत ने यह भी कहा कि यदि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच नहीं की गई, तो भविष्य में ऐसे हादसों के दौरान नौका संचालक लोगों को मरने के लिए छोड़ सकते हैं और इस तरह की घटनाएं फिर से हो सकती हैं।
अदालत ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उसने स्वत: संज्ञान लेते हुए नौका चालक और घटना के समय मौजूद अन्य कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने बचाव कार्य में जुटे लोगों की सराहना भी की। इसके साथ ही बरगी थाने के प्रभारी को दो दिन के भीतर प्राथमिकी के संबंध में जानकारी अदालत को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
भाषा सं दिमो आशीष
आशीष

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