नेपाल बाढ़ के बाद लापता महिला के लौटने का इंतजार कर रहा मध्यप्रदेश का परिवार

नेपाल बाढ़ के बाद लापता महिला के लौटने का इंतजार कर रहा मध्यप्रदेश का परिवार

नेपाल बाढ़ के बाद लापता महिला के लौटने का इंतजार कर रहा मध्यप्रदेश का परिवार
Modified Date: August 29, 2026 / 03:25 pm IST
Published Date: August 29, 2026 3:25 pm IST

विदिशा (मप्र), 29 अगस्त (भाषा) नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बाढ़ से तबाही के बीच 50 वर्षीय स्वाति बागरेचा के परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। चार दिन से उनसे संपर्क नहीं हो पाया है, लेकिन उनके मोबाइल फोन की घंटी अब भी बज रही है और परिवार इसी से उनके सुरक्षित होने की उम्मीद लगाए बैठा है।

टोरंटो में रहने वाली इंजीनियर स्वाति आठ अगस्त को दिल्ली से ईशा फाउंडेशन के 77 सदस्यीय दल के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुई थीं। परिवार ने बताया कि 26 अगस्त सुबह करीब नौ बजे के बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। स्वाति की 14 वर्षीय बेटी अनुष्का उनके साथ नहीं गई थी और मुंबई में अपनी बड़ी बहन के पास रुकी थी।

स्वाति के भाई डॉ. प्रशांत बागरेचा ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘उनका मोबाइल अब भी बज रहा है, लेकिन वह कॉल का जवाब नहीं दे रही हैं। हम उनकी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।’’

उन्होंने बताया कि स्वाति 26 अगस्त को आव्रजन संबंधी औपचारिकताओं के लिए नेपाल-तिब्बत सीमा पर पहुंची थीं। इसके बाद परिवार का उनसे संपर्क टूट गया।

नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद भीषण बाढ़ आई थी। बाढ़ का पानी बाद में त्रिशूली और गंडक नदी प्रणालियों में पहुंचा, जिससे निचले इलाकों में भी असर पड़ा।

प्रशांत ने बताया कि मोबाइल की लोकेशन संबंधी रिकॉर्ड से पता चलता है कि फोन चीन की सीमा के पास किसी स्थान पर सक्रिय है, लेकिन नंबर टोरंटो में पंजीकृत होने के कारण मोबाइल की सटीक लोकेशन का पता लगाने में कठिनाई हो रही है।

परिवार ने अब नेपाल में कनाडा और भारत, दोनों के दूतावासों से संपर्क कर स्वाति के सटीक स्थान का पता लगाने का अनुरोध किया है।

परिवार ने बताया कि स्थानीय विधायक मुकेश टंडन द्वारा मामला उठाने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने परिवार से बात की और स्वाति की तलाश तेज करने तथा उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक और प्रशासनिक प्रयास शुरू किए गए हैं।

परिवार हर गुजरती घड़ी के साथ बढ़ती चिंता के बीच स्वाति के सुरक्षित होने और जल्द अपनी बेटी से मिलने की प्रार्थना कर रहा है।

भाषा सं दिमो नेत्रपाल आशीष

आशीष


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