मप्र: प्रधानमंत्री की मिमिक्री करने वाले सरकारी शिक्षक को किया गया निलंबित, कांग्रेस ने उठाए सवाल
मप्र: प्रधानमंत्री की मिमिक्री करने वाले सरकारी शिक्षक को किया गया निलंबित, कांग्रेस ने उठाए सवाल
शिवपुरी (मध्यप्रदेश), 14 मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शैली की ‘मिमिक्री’ करते हुए बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद शनिवार को एक सरकारी शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
यह कार्रवाई सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक की शिकायत के बाद की गई। इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि अब लोकतंत्र में सवाल पूछना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी अपराध बन गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि पोहरी विकासखंड के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक साकेत पुरोहित ने हाल में एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला था।
अधिकारी ने बताया कि कथित वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री की शैली की मिमिक्री करते हुए गैस सिलेंडर की कीमतों पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की थी।
वीडियो में शिक्षक यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि गैस के दाम बढ़ने से लोग फिर से चूल्हे की रोटी खाने लगेंगे जिससे अमीर और गरीब के बीच की दूरी कम हो जाएगी।
शिक्षक का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फ़ैल गया, जिसके बाद पिछोर क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक सरकारी शिक्षक द्वारा इस प्रकार प्रधानमंत्री और जनप्रतिनिधियों की मिमिक्री करते हुए टिप्पणी करना सरकारी सेवा आचरण नियमों के विपरीत है और इससे समाज में अनुचित संदेश जाता है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच कराई, जिसमें शिक्षक के कृत्य को शासकीय सेवकों के आचरण नियमों के प्रतिकूल माना गया।
श्रीवास्तव ने बताया कि इसके बाद मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत साकेत पुरोहित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन आदेश के मुताबिक निलंबन अवधि में शिक्षक का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बदरवास निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
निलंबित शिक्षक साकेत पुरोहित ने कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए कहा कि उन्हें न तो कारण बताओ नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि बिना सुनवाई के की गई कार्रवाई उचित नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा कि जब प्रदेश की जनता महंगी गैस, पेट्रोल-डीजल और बढ़ती महंगाई से परेशान है, तब जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय एक शिक्षक को निलंबित करना सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्न चिह्न खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि बड़ा सवाल यह है कि आज युवाओं और कर्मचारियों के साथ जो हो रहा है, क्या यह एक बड़ी मिमिक्री नहीं है?
सिंघार ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मोदी सरकार को यह समझना होगा कि जनता की पीड़ा और सवालों को दबाकर समस्याएं खत्म नहीं होतीं। अगर जनता की समस्याएं जस की तस रहें और सवाल उठाने वालों को सज़ा दी जाए तो यह लोकतंत्र नहीं बल्कि आवाज़ दबाने की प्रवृत्ति बन जाती है।’’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार को दंड नहीं, जनता की समस्याओं का जवाब और समाधान देना चाहिए।
भाषा सं ब्रजेन्द्र राजकुमार
राजकुमार

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