मप्र : सिंधु घाटी सभ्यता की विरासत को मिलेगा आधुनिक मंच, सांस्कृतिक केंद्र की नींव रखी गई

मप्र : सिंधु घाटी सभ्यता की विरासत को मिलेगा आधुनिक मंच, सांस्कृतिक केंद्र की नींव रखी गई

मप्र : सिंधु घाटी सभ्यता की विरासत को मिलेगा आधुनिक मंच, सांस्कृतिक केंद्र की नींव रखी गई
Modified Date: September 16, 2026 / 10:42 pm IST
Published Date: September 16, 2026 10:42 pm IST

इंदौर, 16 सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के इंदौर में प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता की कला, संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रदर्शित करने के मकसद से बनाए जाने वाले सांस्कृतिक केंद्र की बुधवार को नींव रखी गई।

अधिकारियों ने बताया कि तीन मंजिलों वाले ‘सिंधु कला केंद्र’ के निर्माण पर 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह राशि सामाजिक सहयोग से जुटाई जाएगी।

प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस केंद्र के भूमिपूजन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य में अपनी तरह का पहला सांस्कृतिक केंद्र सिंधु घाटी सभ्यता की विरासत से युवा पीढ़ी को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यादव ने कहा, ‘‘हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की सुव्यवस्थित सड़कें, जल निकासी व्यवस्था, भवन और व्यापारिक गतिविधियां उस समय के उन्नत नगर नियोजन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।’’

इंदौर के लोकसभा सांसद और सिंधु हेरिटेज ट्रस्ट के अध्यक्ष शंकर लालवानी ने बताया कि ‘सिंधु कला केंद्र’ में सिंधु घाटी सभ्यता और उससे जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को त्रिआयामी (3डी) एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की तकनीकों के माध्यम से प्रदर्शित करने वाला संग्रहालय बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस केंद्र में 200 सीट वाला सभागार, जलपान क्षेत्र और सार्वजनिक प्रार्थना स्थल सहित अलग-अलग सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

भाषा हर्ष गोला

गोला


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