मप्र: पाबंदियों के बीच जीतू पटवारी केन-बेतवा परियोजना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों से मिले

मप्र: पाबंदियों के बीच जीतू पटवारी केन-बेतवा परियोजना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों से मिले

मप्र: पाबंदियों के बीच जीतू पटवारी केन-बेतवा परियोजना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों से मिले
Modified Date: May 12, 2026 / 10:44 pm IST
Published Date: May 12, 2026 10:44 pm IST

छतरपुर (मध्य प्रदेश), 12 मई (भाषा) कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को प्रशासनिक पाबंदियों के बीच मोटरसाइकिल से केन-बेतवा लिंक परियोजना स्थल पहुंचकर विस्थापित आदिवासियों के आंदोलन का समर्थन किया।

आदिवासी उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

पार्टी की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार भारी पुलिस बल की तैनाती और प्रशासनिक रोक के बावजूद पटवारी कांग्रेस नेताओं के साथ छतरपुर के दौधन बांध स्थल पर प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे।

विज्ञप्ति में दावा किया गया कि प्रशासन ने कांग्रेस नेताओं को रोकने के लिए अवरोधक लगाए जबकि वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जंगल क्षेत्र में उनके प्रवेश से वन्यजीव प्रभावित होंगे।

पटवारी ने वन विभाग के इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को आदिवासियों से मिलने से रोका जा रहा है, जबकि बाघ अभयारण्य क्षेत्र में भारी मशीनें और सैकड़ों मजदूर बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य में लगे हैं।

प्रदर्शनकारी प्रत्येक विस्थापित परिवारों के लिए 12.5 लाख रुपये के मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र की अन्य बांध परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के लिए भी ऐसी ही मांग की गई है।

पटवारी ने कहा कि विस्थापित परिवारों की यह लड़ाई केवल जमीन की नहीं, बल्कि जल, जंगल, संस्कृति और सम्मान की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने में विफल रही है तथा उन्हें पर्याप्त मुआवजा और पुनर्वास नहीं दिया जा रहा है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जब वह प्रभावित आदिवासियों से मिलने जा रहे थे तब मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर उन्हें रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत दौधन बांध से विस्थापित आदिवासियों के मुआवजे को लेकर जारी ‘‘चिता आंदोलन’’ तेज हो गया है। प्रदर्शनकारी कुछ दिन पहले गिरफ्तार किए गए अपने नेता अमित भटनागर की रिहाई की भी मांग कर रहे हैं।

पटवारी मोटरसाइकिल से दौधन बांध पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अमित भटनागर की रिहाई और मांगें पूरी होने के आश्वासन पर वे आंदोलन समाप्त करने को तैयार हैं।

पन्ना बाघ अभयारण्य के अतिरिक्त निदेशक देवेंद्र अहिरवार ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत अनधिकृत प्रवेश को लेकर पटवारी और उनके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कोर क्षेत्र में प्रवेश प्रतिबंधित है, इसलिए अवरोधक लगाए गए थे।

भाषा दिमो खारी

खारी


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