मप्र : बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री के ठिकानों पर छापे, 7.16 करोड़ रुपये के व्यय का खुलासा
मप्र : बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री के ठिकानों पर छापे, 7.16 करोड़ रुपये के व्यय का खुलासा
इंदौर, 21 जुलाई (भाषा) लोकायुक्त पुलिस ने सरकारी क्षेत्र की मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एक अधीक्षण यंत्री के इंदौर, धार और मुरैना स्थित ठिकानों पर मंगलवार को छापे मारे और उनके तथा परिजनों से जुड़ी करीब 7.16 करोड़ रुपये की संपत्तियों एवं व्यय का खुलासा किया। लोकायुक्त पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने बताया कि विद्युत वितरण कंपनी के इंदौर स्थित मुख्यालय में पदस्थ अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी।
उन्होंने बताया कि शिकायत की जांच के बाद सेमिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज करके इंदौर, धार और मुरैना जिलों में नौ ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छापे के दौरान इंदौर में अधीक्षण यंत्री का तीन मंजिला आवास मिला जिसकी कीमत 1.20 करोड़ रुपये आंकी गई है।
सहाय के मुताबिक सेमिल के बेटे, बहू, दामाद, समधी और अन्य करीबी परिजनों के नाम पर धार जिले के पीथमपुर और उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर निर्माण एवं विद्युत उपकरणों से जुड़ी अलग-अलग औद्योगिक इकाइयां, भूखंड और निर्माणाधीन कारखाने मिले हैं जिनमें करोड़ों रुपये का निवेश होना पाया गया है।
उन्होंने बताया कि छापों के दौरान इन लोगों के इंदौर में कई व्यावसायिक कार्यालयों, एक भूखंड, एक इलेक्ट्रिक कार और मुरैना में दो मंजिला मकान का भी पता चला है।
सहाय ने बताया कि सेमिल की 33 वर्ष की सरकारी सेवा के दौरान वेतन से उनकी कुल आय करीब दो करोड़ रुपये है, जबकि शुरुआती जांच में उनके और उनके करीबी परिजनों द्वारा 7.16 करोड़ रुपये से अधिक का व्यय किया जाना सामने आया है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा,‘‘यह व्यय अधीक्षण यंत्री की वेतन से हुई आय की तुलना में तीन गुना से भी अधिक है।’’
सहाय ने बताया कि छापों में बरामद दस्तावेजों, निवेश तथा अन्य संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है।
भाषा हर्ष शफीक खारी
खारी

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