Bhind District Hospital Video: जिला अस्पताल में ना वार्ड बॉय…ना स्ट्रेचर, चादर से लपेटकर 72 साल की मरीज को पहुंचाया वार्ड तक, देखिए वीडियो
Bhind District Hospital Video: जिला अस्पताल में ना वार्ड बॉय...ना स्ट्रेचर, चादर से लपेटकर 72 साल की मरीज को पहुंचाया वार्ड तक, देखिए वीडियो
- 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला को स्ट्रेचर नहीं मिलने पर परिजनों ने चादर को ही स्ट्रेचर बना लिया
- घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
- सिविल सर्जन ने मामले की जांच के आदेश दिए
भिंड: Bhind District Hospital Video जिला अस्पताल से एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां एक 72 वर्षीय बीमार बुजुर्ग महिला को स्ट्रेचर नहीं मिलने पर परिजनों को मजबूर होकर कपड़े की चादर को ही स्ट्रेचर बनाना पड़ा। परिजन महिला को चादर में लपेटकर एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक ले गए, जबकि अस्पताल का स्टाफ पूरी घटना के दौरान मूकदर्शक बना रहा। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे में है।
चादर बनी स्ट्रेचर
Bhind District Hospital Video मिली जानकारी के अनुसार, रौन थाना क्षेत्र के मढ़ी जेतपुरा गांव निवासी 72 वर्षीय विटोली देवी की तबीयत खराब होने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने महिला को सर्जिकल वार्ड में भर्ती करा दिया। बाद में वार्ड में पहुंचे डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि महिला को मेडिकल वार्ड में भर्ती किया जाना चाहिए और उन्हें वहां शिफ्ट करने के निर्देश दिए।
ना वार्ड बॉय…ना स्ट्रेचर
परिजनों का कहना है कि मरीज को मेडिकल वार्ड तक ले जाने के लिए अस्पताल की ओर से कोई स्ट्रेचर या वार्ड बॉय उपलब्ध नहीं कराया गया। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी जब कोई मदद नहीं मिली तो मजबूरी में उन्होंने एक कपड़े की चादर में महिला को लपेटा और उसी के सहारे उठाकर मेडिकल वार्ड तक पहुंचाया। इस दौरान अस्पताल कर्मचारी देखते रहे, लेकिन किसी ने सहायता नहीं की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी है। सवाल उठ रहे हैं कि करोड़ों रुपये के बजट वाले जिला अस्पताल में यदि एक गंभीर मरीज को स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं कराया जा सकता, तो मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे कितने सही हैं।
सिविल सर्जन ने दी सफाई
वहीं, जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आर.के. मिश्रा ने मामले में सफाई देते हुए कहा कि अस्पताल को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। उनके अनुसार हर वार्ड के बाहर स्ट्रेचर उपलब्ध रहते हैं और कुछ लोग जानबूझकर इस तरह की तस्वीरें पेश कर अस्पताल की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की निगाहें जांच पर टिकी हैं।
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