मप्र : मरीजों को निजी लैब भेजने के बदले ‘कमीशन’ लेते तीन सरकारी चिकित्सक रंगे हाथ पकड़े गए

मप्र : मरीजों को निजी लैब भेजने के बदले ‘कमीशन’ लेते तीन सरकारी चिकित्सक रंगे हाथ पकड़े गए

मप्र : मरीजों को निजी लैब भेजने के बदले ‘कमीशन’ लेते तीन सरकारी चिकित्सक रंगे हाथ पकड़े गए
Modified Date: May 7, 2026 / 07:18 pm IST
Published Date: May 7, 2026 7:18 pm IST

इंदौर, सात मई (भाषा) मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में मरीजों को निजी पैथोलॉजी लैब में जांच के लिए भेजने के एवज में कुल 25,000 रुपये की कथित कमीशन लेते तीन चिकित्सकों को बृहस्पतिवार को रंगे हाथ पकड़ा गया। लोकायुक्त पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सुनील तालान के मुताबिक राजपुर कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ तीन चिकित्सा अधिकारियों-डॉ. अमित शाक्य, डॉ. दिव्या साईं और डॉ. मनोहर गोदारा को कुल 25,000 रुपये की कथित कमीशन लेते उनके घरों में पकड़ा गया।

उन्होंने बताया कि राजपुर में निजी क्षेत्र की एक पैथोलॉजी लैब के प्रबंधक अदनान अली की शिकायत पर जाल बिछाकर यह कार्रवाई की गई।

डीएसपी के मुताबिक शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त पुलिस को बताया कि तीनों चिकित्सक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को उनकी लैब में जांच के लिए भेजने के बदले उससे 20 प्रतिशत कमीशन लेते थे।

उन्होंने शिकायत के हवाले से बताया,‘‘पिछले महीने तीनों चिकित्सकों ने कथित मिली-भगत के जरिये कमीशन की दर 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी थी।’’

शिकायतकर्ता का आरोप है कि पिछले महीने के कमीशन के एवज में शाक्य ने 18,000 रुपये, साईं ने 8,000 रुपये और गोदारा ने लैब प्रबंधन से 21,800 रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में वे कम राशि लेने पर सहमत हो गए थे।

डीएसपी ने बताया कि शाक्य को 8,000 रुपये, साईं को 5,000 रुपये और गोदारा को 12,000 रुपये की कथित कमीशन लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।

उन्होंने बताया कि तीनों चिकित्सा अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के संबद्ध प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

डीएसपी के मुताबिक आरोपियों को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है और विस्तृत जांच जारी है।

भाषा हर्ष जोहेब धीरज

धीरज


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