मप्र : 30 साल से सड़क का इंतजार, उमरिया में ग्रामीणों ने कीचड़ भरे रास्ते पर रोपा धान

मप्र : 30 साल से सड़क का इंतजार, उमरिया में ग्रामीणों ने कीचड़ भरे रास्ते पर रोपा धान

मप्र : 30 साल से सड़क का इंतजार, उमरिया में ग्रामीणों ने कीचड़ भरे रास्ते पर रोपा धान
Modified Date: August 31, 2026 / 02:53 pm IST
Published Date: August 31, 2026 2:53 pm IST

उमरिया (मप्र), 31 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के एक सुदूरवर्ती गांव में पक्की सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने अनूठा प्रदर्शन करते हुए कीचड़ से भरे रास्ते पर धान की रोपाई की।

बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मानिकपुर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले करिगढ़ारी गांव में ग्रामीणों द्वारा किए गए इस प्रदर्शन का वीडियो पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि करीब 30 साल से गांव में सड़क की समस्या बनी हुई है। बारिश के दौरान यह रास्ता कीचड़ से भर जाता है जिससे आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है।

महिलाओं, बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों समेत ग्रामीण हाथों में धान के पौधे लेकर कीचड़ भरे रास्ते पर पहुंचे और वहां धान रोपकर अपना विरोध जताया।

करिगढ़ारी निवासी सुरेश सिंह गोंड ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘हमने जन्म से ही यह कीचड़ भरा रास्ता देखा है। बेमौसम बारिश होने पर घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। हमारे पिता ने जिला प्रशासन, सरपंच, सरकार और स्थानीय विधायक से सड़क बनवाने की गुहार लगाई और अब हम भी वही कर रहे हैं, लेकिन मांग करते-करते हम थक चुके हैं।’’

उन्होंने कहा कि जब यह रास्ता पैदल चलने लायक भी नहीं है तो ग्रामीणों ने इस पर फसल उगाने का फैसला किया।

गोंड ने कहा, ‘‘शायद अब सरकार को शर्म आए और हमारे लिए सड़क बन जाए।’’

ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान रास्ता बेहद खतरनाक हो जाता है। कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन अक्सर फिसल जाते हैं और वाहन चालक घायल हो जाते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को भी आने-जाने में काफी परेशानी होती है।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले सप्ताह गांव उस समय चर्चा में आया था जब बच्चों का नदी पार कर अपने घरों तक पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी प्रसारित हुआ था।

करकेली जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) हिमांशु सिंह ने बताया कि अधिकारियों ने ग्रामीणों के प्रदर्शन का वीडियो देखा है।

उन्होंने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘हमने वीडियो देखा है। हम एक इंजीनियर को मौके का निरीक्षण करने भेजेंगे और अनुमान तैयार होने के आधार पर जल्द ही सड़क का निर्माण कराया जाएगा।’’

भाषा सं दिमो

मनीषा प्रशांत

प्रशांत


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