MP Kisan Kalyan Yojana | Photo Credit: AI
भोपाल: MP Kisan Kalyan Yojana मध्यप्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खंडवा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना (Mukhyamantri Kisan Kalyan Yojana) की अगली किस्त जारी करेंगे। प्रदेश के 82 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹3,300 करोड़ से ज्यादा की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।
Mukhyamantri Kisan Kalyan Yojana मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों का कल्याण सर्वोपरि है। राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष – 2026 के अंतर्गत अनेक गतिविधियां आयोजित की हैं। जहां वर्ष की प्रथम छमाही में कृषि उपकरणों की तकनीक, उन्नत कृषि के संबंध में कार्यशालाएं आयोजित की गईं, वहीं दूसरी छमाही में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। बलराम कृषि महोत्सव का यह सिलसिला 15 जुलाई को इंदौर से प्रारंभ किया गया है। इस क्रम में 23 जुलाई को आलीराजपुर में कृषि महोत्सव का आयोजन भी हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को दतिया से खरगोन के कृषि महोत्सव में वर्चुअली जुड़कर संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। किसानों के लिए पर्याप्त बिजली की व्यवस्था की गई है। यही नहीं कृषक कल्याण वर्ष में गांव से दो पहियों से दूध और सब्जियां लेकर शहरों तक आने-जाने वाले किसान भाईयों को जीवन रक्षा के लिए हेलमेट भी प्रदान किए गए हैं। यह किसानों के लिए नवाचार भी है और सुविधा भी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में आगामी 13 नवम्बर तक बलराम कृषि महोत्सव के साथ ही अन्य अनेक आयोजन होंगे। खेती-किसानी पर आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के समग्र विकास के संकल्प के साथ कार्य हो रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खरगोन के बलराम कृषि महोत्सव में शामिल सभी किसान भाईयों को बधाई देते हुए कहा कि उन्नत कृषि को अपनाकर अपने लाभ में वृद्धि के प्रयास करें। किसानों को दिन और रात में भी पर्याप्त बिजली की पूर्ति की जाएगी। मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि कल्याण वर्ष में 16 विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की है, जिसके फलस्वरूप किसानों की आय वृद्धि के रोडमैप को क्रियान्वित किया जाएगा। खरगोन बलराम कृषि महोत्सव में बड़ी संख्या में किसानों के अलावा जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।