शह मात The Big Debate: गड्ढो वाला ‘टॉर्चर’, रोड़ है या रोड़ा? विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप, क्या फेल हो चूका है सड़कों को सुधारने का सिस्टम

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Politics On MP Bad Roads: ग्वालियर में सड़कें ख़राब नहीं होतीं या तो सीधे धसक कर कुआँ बनती हैं या सुरंग वो भी तब जब हाईकोर्ट सीधे मॉनिटर कर रही है।

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  • Publish Date - August 26, 2026 / 11:35 PM IST,
    Updated On - August 26, 2026 / 11:38 PM IST

Politics On MP Bad Roads/Image Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • मध्य प्रदेश में ख़राब सड़कों को लेकर राजनीति जारी है।
  • ख़राब सड़कों पर हाईकोर्ट सीधे मॉनिटर कर रही है और फटकार लगा रही है।
  • विपक्ष ने आरोप लगाया है कि, ये सड़क अब चलने लायक़ बची नहीं है।

Politics On MP Bad Roads: भोपाल: ग्वालियर में सड़कें ख़राब नहीं होतीं या तो सीधे धसक कर कुआँ बनती हैं या सुरंग वो भी तब जब हाईकोर्ट सीधे मॉनिटर कर रही है और ऐसी फटकार लगा रही है कि पानीदार अधिकारी हों तो झेंप जाएँ, मगर वही पानी नदारद है। दूसरी इंदौर की है जहां शहर कांग्रेस अध्यक्ष कीचड़ में ही धरने पर बैठ गए। आरोप है और दिख भी रहा है कि ये सड़क अब चलने लायक़ बची नहीं है।

एमपी में संभवतः एक भी शहर ऐसा नहीं होगा जिनकी शहरी सड़कें चौपट न हों। भोपाल में कई इलाकों में सड़कें चलने लायक नहीं बची है। (Politics On MP Bad Roads) जनता भले हे परेशान हो रही हो लेकिन चूँकि अलग अलग नगर निगमों में सत्ता भी अलग अलग दल के पास है लिहाज़ा यहाँ जो आरोप लगाते हैं। वही पार्टी दूसरे शहर में बचाव करती दिखती है।

Politics On MP Bad Roads: खैर सरकार का दावा है कि खराब सड़कों को सुधारा जा रहा है लेकिन बड़ा सवाल तो ये है कि हर बारिश में ऐसे हालात बनते हैं तो उसकी ज़िम्मेदारी किसकी है? सवाल ये कि जब जनता को खुली आँखों से सड़क निर्माण का भृष्टाचार दिख जाता है तो जिम्मेदारों को कैसे नहीं दिखता?

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