Gwalior News/Image Credit: IBC24 News
Gwalior News: ग्वालियर: सूबे की मोहन सरकार के सख्त आदेशों के बावजूद भी ग्वालियर जिले में अवैध कॉलोनियों को बसाने का दौर जारी है। सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र में अवैध कॉलोनियां तेजी से बसाई जा रही हैं। अब नगरीय क्षेत्र के 66 वार्डों में बस रही इन अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदना और बेचना आसान नहीं होगा। कारण, जिला प्रशासन और नगर निगम के संयुक्त कार्य के चलते राजस्व अभिलेख यानि की खसरा के कॉलम-12 में अवैध कॉलोनियों का नाम दर्ज करना शुरू कर दिया है। शुरूआती दौर में 200 से ज्यादा कॉलोनियों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गयी है।
Gwalior News: ग्वालियर शहर में अवैध कॉलोनी बनाना अब सबसे बड़ा कारोबार बन गया है। नियम-कानून ताक पर रखकर भू माफिया खुलेआम प्लॉटिंग कर रहे हैं और इसमें निगम भवन शाखा व प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत भी साफ झलक रही है। ये हाल तब है जब मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव खुद अवैध कॉलोनी के सख्त कार्रवाई के निर्देश दे चुके है। ऐसे में महापौर कहती है कि, अवैध कॉलोनियो का यहां, सिड़ीकेट चल रहा है, तो वहीं विपक्ष उन पर ही सवाल खड़े कर रहा है।
Gwalior News: ग्वालियर के जिला प्रशासन ने सर्वे कर निगम को 1752 अवैध कॉलोनियों की सूची दी थी। उस पर निगम ने भवन अधिकारियों से पुन: कॉलोनियों को चेक कराया। तब 932 अवैध कॉलोनियों रिकार्ड में निकली। शेष कॉलोनी नगरीय क्षेत्र से बाहर, एक कॉलोनी के नाम से कई बार एंट्री दर्ज होना सामने आया था। इस पूरी प्रक्रिया के बाद निगम ने अवैध कॉलनियों की सूची निकालना शुरू कर दिया है। निगम आयुक्त का कहना है प्रशासन को नगरीय क्षेत्र की अवैध कालोनियों की सूची तैयार कर पहुंचा दी गई है। दर्ज संपत्ति खसरा के कॉलम-12 में दर्ज कराने का काम रेवेन्यू द्वारा किया जा रहा है। इससे इन प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी।
Gwalior News: कलेक्टर रुचिका चौहान ने तीन महीने पूर्व सभी एसडीएम को 1752 अवैध कॉलोनियों की लिस्ट दी थी। इसमें मुरार में 605, लश्कर में 187, झांसी रोड में 186, ग्वालियर में 774 अवैध कॉलोनियां थी। बाद में इनकी छटनी करने पर इनकी संख्या चारों विस में 932 रह गई और कलेक्टर ने आयुक्त,बीईओ व जेडओ को निर्देश देते हुए कहा कि, 15 दिन का नोटिस जारी कर अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई करें। 200 से ज्यादा कॉलोनियों के 12 नंबर कॉलम में अवैध कॉलोनियों का नाम दर्ज करना शुरू कर दिया है। यानि क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गयी है। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2016 तक की अवैध कालोनियों को वैध कर दिया गया था। इसके बाद चुनावी माहौल में 2022 तक की कॉलोनियों को वैध करने की घोषणा की गई, लेकिन डॉ.मोहन यादव के सीएम बनते ही अवैध कॉलोनियों को वैध करने की कार्रवाई बंद हो गई। इसके बाद से अवैध कालोनियों पर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। सवाल ये है.. जब फाइलों में 932 अवैध कॉलोनियां दर्ज हैं और कार्रवाई सिर्फ 200 पर ही दिख रही है।
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