Cherchera 2026: सीएम विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दी छेरछेरा पर्व की बधाई, की प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना

Cherchera 2026: सीएम विष्णु देव साय न लोकपर्व छेरछेरा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

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  • Publish Date - January 3, 2026 / 09:35 AM IST,
    Updated On - January 3, 2026 / 09:58 AM IST

Cherchera 2026/Image Credit: CG DPR

HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ में 'छेरछेरा' तिहार आज।
  • CM विष्णु देव साय ने 'छेरछेरा' की दी बधाई।
  • सीएम साय ने जनता से मिलकत इस लोकपर्व को मानाने की अपील की है।

Cherchera 2026: रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोकपर्व छेरछेरा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की।

सामाजिक समरसता और दानशीलता का प्रतीक पर्व है छेरछेरा

Cherchera 2026: मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छेरछेरा महादान, सामाजिक समरसता और दानशीलता का प्रतीक पर्व है, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध, गौरवशाली और मानवीय मूल्यों से ओत-प्रोत परंपरा को सजीव रूप में अभिव्यक्त करता है। नई फसल घर आने की खुशी में यह पर्व पौष मास की पूर्णिमा को बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

आज मनाई जाती है मां शाकंभरी जयंती

Cherchera 2026: मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी दिन मां शाकंभरी जयंती भी मनाई जाती है, जो अन्न, प्रकृति और जीवन के संरक्षण का संदेश देती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा ग्रहण की थी। इसी परंपरा के अनुरूप छेरछेरा पर्व पर धान के साथ-साथ साग-भाजी, फल एवं अन्य अन्न का दान कर लोग परस्पर सहयोग, करुणा और मानवता का परिचय देते हैं।

सीएम साय ने किया लोकपर्व को मनाने का आह्वान

Cherchera 2026: मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छेरछेरा पर्व हमें समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और साझा समृद्धि की भावना को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से इस लोकपर्व को सद्भाव, उल्लास और पारंपरिक मूल्यों के साथ मनाने का आह्वान किया।

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लोकपर्व छेरछेरा क्या है और इसे क्यों मनाया जाता है?

लोकपर्व छेरछेरा छत्तीसगढ़ का प्रमुख पारंपरिक पर्व है, जो नई फसल के आगमन, दानशीलता और सामाजिक समरसता के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

लोकपर्व छेरछेरा किस तिथि को मनाया जाता है?

लोकपर्व छेरछेरा पौष मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जब किसान नई फसल के लिए ईश्वर का आभार व्यक्त करते हैं।

लोकपर्व छेरछेरा में दान का क्या महत्व है?

लोकपर्व छेरछेरा में धान, साग-भाजी, फल और अन्न का दान किया जाता है, जो परस्पर सहयोग, करुणा और मानवता का संदेश देता है।

लोकपर्व छेरछेरा का मां शाकंभरी जयंती से क्या संबंध है?

लोकपर्व छेरछेरा के दिन ही मां शाकंभरी जयंती भी मनाई जाती है, जो अन्न, प्रकृति और जीवन संरक्षण का प्रतीक मानी जाती है।

लोकपर्व छेरछेरा समाज को क्या संदेश देता है?

लोकपर्व छेरछेरा समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द, दानशीलता और साझा समृद्धि की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।