इंदौर, 28 सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने उज्जैन में वर्ष 2028 के दौरान लगने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ी करने के लिए ऐतिहासिक शाही मस्जिद के बाधक हिस्सों को हटाए जाने के मामले में मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर दो रिट अपील का सोमवार को निपटारा कर दिया।
न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लई की पीठ ने याचिकाकर्ताओं के यह कहने पर उनकी अलग-अलग अपील का निपटारा किया कि मस्जिद के बाधक हिस्सों को हटाने को लेकर उनके और उज्जैन नगर निगम के बीच समझौता हो गया है।
खंडपीठ ने सभी संबद्ध पक्षों को सुनने के बाद कहा कि अपीलकर्ताओं द्वारा अदालत को बताया गया है कि उनके और उज्जैन नगर निगम के बीच मामला सुलझ गया है और इस समझौते के मद्देनजर उनकी रिट अपील का निपटारा किया जाता है।
अदालत ने यह भी कहा कि शाही मस्जिद मामले में उज्जैन नगर निगम ने अपने जवाब और अंतरिम नोटिस में जो आश्वासन दिए हैं, वे नगर निगम पर बाध्यकारी होंगे।
मुस्लिम पक्ष ने दो अपील के जरिये उच्च न्यायालय की एकल पीठ के नौ सितंबर के आदेश को चुनौती दी थी।
अदालत ने इस आदेश में शाही मस्जिद के बाधक हिस्सों को हटाने के नगर निगम के नोटिस को सही ठहराते हुए इसके खिलाफ दायर दो याचिकाएं खारिज कर दी थीं। शाही मस्जिद के करीब 100 साल पुरानी होने का दावा किया जाता है।
राज्य की तीर्थ नगरी उज्जैन की ऐतिहासिक मस्जिद सोमवार को विवाद का केंद्र बन गई थी।
मस्जिद के एक हिस्से को गिराने को लेकर हुए विवाद के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया था।
भाषा
हर्ष रवि कांत