Safai Karmchari Salary News: महिनों का बकाया वेतन, सालों से रुका EPF… इस विभाग के कर्मचारियों की हालत खराब, खोली प्रशासन की पोल

सिंगरौली: मध्यप्रदेश के सिंगरौली से बड़ी खबर आ रही है। दरअसल, यहां के बरगवां नगर परिषद में कार्यरत सफाईकर्मियों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। कई माह का वेतन अब तक नहीं मिला है।

Safai Karmchari Salary News: महिनों का बकाया वेतन, सालों से रुका EPF… इस विभाग के कर्मचारियों की हालत खराब, खोली प्रशासन की पोल

singrauli news/ image source: IBC24

Modified Date: February 18, 2026 / 11:32 pm IST
Published Date: February 18, 2026 11:20 pm IST
HIGHLIGHTS
  • कई महीनों से वेतन बकाया
  • ईपीएफ दो साल से लंबित
  • बिना सुरक्षा उपकरण सफाई कार्य

सिंगरौली: मध्यप्रदेश के सिंगरौली से बड़ी खबर आ रही है। दरअसल, यहां के बरगवां नगर परिषद में कार्यरत सफाईकर्मियों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। कई माह का वेतन अब तक नहीं मिला है। यह कोई पहली बार नहीं है बल्कि हर माह यही स्थिति बनती है। समय पर वेतन न मिलने से सफाईकर्मियों के परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं। चलिए विस्तार से आपको पूरा मामला बताते हैं।

Safai Karmchari: कई महीनों से वेतन बकाया

दरअसल, मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले की बरगवां नगर परिषद में कार्यरत सफाईकर्मियों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। नगर परिषद में काम कर रहे सफाई मित्रों को कई-कई महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि लगभग हर महीने वेतन भुगतान में देरी या रोक लग जाती है। नियमित आय न होने से घर का राशन, बच्चों की पढ़ाई और इलाज जैसी बुनियादी जरूरतें भी प्रभावित हो रही हैं।

EPF pending sanitation workers:  EPF का लाभ भी नहीं दिया गया

सफाईकर्मियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले दो वर्षों से कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) का लाभ भी नहीं दिया गया। लगातार काम करने के बावजूद उनका न तो पहचान पत्र बनाया गया है और न ही उन्हें किसी तरह की सामाजिक सुरक्षा दी गई है। नगर परिषद में वर्षों से कार्यरत कई कर्मचारी आज भी अस्थायी स्थिति में काम करने को मजबूर हैं, जिससे भविष्य को लेकर असुरक्षा बनी रहती है।

सबसे चिंताजनक पहलू कार्यस्थल पर सुरक्षा सुविधाओं का अभाव है। सफाईकर्मी बिना दस्ताने, मास्क, गमबूट या अन्य सुरक्षा उपकरणों के नालियों और कचरे की सफाई कर रहे हैं। गंदगी और संक्रमण के बीच काम करने से उन्हें त्वचा रोग, सांस संबंधी बीमारियों और अन्य संक्रमणों का खतरा लगातार बना रहता है। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार उन्होंने सुरक्षा किट की मांग की, लेकिन अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई।

सफाईकर्मियों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि जब भी कोई कर्मचारी वेतन या अधिकारों की बात करता है, तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। इस कारण अधिकांश कर्मचारी भय के माहौल में काम कर रहे हैं और खुलकर शिकायत भी नहीं कर पाते। उनका कहना है कि नगर परिषद प्रशासन उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय अनदेखा कर रहा है।

सफाईकर्मियों ने प्रशासन को दी चेतावनी

सफाईकर्मियों ने प्रशासन से मांग की है कि बकाया वेतन तुरंत जारी किया जाए, EPF की राशि जमा कराई जाए और सभी कर्मचारियों को पहचान पत्र व सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही उन्हें स्थायी रोजगार का दर्जा देने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की भी मांग की गई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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लेखक के बारे में

पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक हूँ। मीडिया क्षेत्र में 3 वर्षों का विविध अनुभव प्राप्त है, जहां मैंने अलग-अलग मीडिया हाउस में एंकरिंग, वॉइस ओवर और कंटेन्ट राइटिंग जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। IBC24 में मैं अभी Trainee-Digital Marketing के रूप में कार्यरत हूँ।