AI Impact Summit News: AI समिट में बदइंतजामी से डेलीगेट्स परेशान, लंबी कतारें, पानी की कमी, गायब हुआ सामान! मंत्री अश्विनी वैष्णव ने माफी मांगी

AI Impact Summit News: AI समिट में बदइंतजामी से डेलीगेट्स परेशान, लंबी कतारें, पानी की कमी, गायब हुआ सामान! मंत्री अश्विनी वैष्णव ने माफी मांगी

AI Impact Summit News: AI समिट में बदइंतजामी से डेलीगेट्स परेशान, लंबी कतारें, पानी की कमी, गायब हुआ सामान! मंत्री अश्विनी वैष्णव ने माफी मांगी

AI Impact Summit News/Image Source: Ashwini Vaishnaw

Modified Date: February 18, 2026 / 10:12 am IST
Published Date: February 18, 2026 8:56 am IST
HIGHLIGHTS
  • ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में अव्यवस्था
  • अव्यवस्था पर मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मांगी माफी
  • पहले दिन अव्यवस्था, लंबी कतारें और सुरक्षा जांच में देरी

नई दिल्ली: AI Impact Summit News: सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव  (Ashwini Vaishnaw) ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के पहले दिन लंबी कतारों और भारी भीड़ से उपस्थित लोगों को हुई असुविधा के लिए मंगलवार को माफी मांगी और कहा कि सम्मेलन का संचालन सुचारू रूप से करने के लिए आयोजक लगातार काम कर रहे हैं।

वैष्णव ने कहा कि शिखर सम्मेलन आयोजक लोगों की बात सुनने को तैयार हैं और मुद्दों के तुरंत समाधान के लिए एक ‘वॉर रूम’ बनाया गया है। मंत्री ने कहा, ‘‘आपकी जो भी प्रतिक्रिया है, कृपया हमारे साथ साझा करें। हम खुले विचारों वाले हैं। हमने एक ‘वॉर रूम’ बनाया है…कोई भी समस्या हो, कृपया हमें बताएं। हम निश्चित रूप से इसे आसान बनाने और आप सभी के लिए इसे और अधिक सुविधाजनक बनाने के प्रयास करेंगे।’’

AI समिट में अफरा-तफरी! (India AI Impact Summit)

AI Impact Summit News: वैष्णव ने कहा, ‘‘अगर कल किसी को कोई समस्या हुई हो, तो उसके लिए मैं माफी मांगता हूं (Ashwini Vaishnaw AI Summit apology)। हम कड़ी मेहनत कर रहे हैं। दुनिया के सबसे बड़े एआई शिखर सम्मेलन को आयोजित करने के लिए पूरा दल दिन-रात काम कर रहा है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास करेंगे कि यह सम्मेलन आप सभी के लिए आनंददायक हो।’ पहले दिन सम्मेलन में स्टार्टअप संस्थापक, वैश्विक प्रौद्योगिकी प्रतिनिधि और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों सहित हजारों लोग शामिल हुए। लेकिन भारी भीड़ के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। लंबी कतारें लगीं, सुरक्षा जांच में देरी हुई, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने से पहले कुछ स्टॉल को अस्थायी रूप से खाली करना पड़ा।’ अफरा-तफरी की स्थिति के बीच कुछ लोगों ने सामान गुम होने या चोरी हो जाने की सूचना दी।

नियो सेपियन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) धनंजय यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘दोपहर 12 बजे सुरक्षा कर्मी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दो बजे आने की सूचना के बाद इलाके को ‘सैनिटाइज’ करने और घेरने आए। मैंने उन्हें बताया कि हम नियो सेपियन में भारत का पहला पेटेंट वाला एआई वियरेबल बना रहे हैं और इसे दिखाने का अवसर चाहिए।’’ उन्होंने बताया कि एक अधिकारी ने दूसरों से कहा कि उसे वहीं रहने दिया जाए, लेकिन तभी दूसरा समूह आया और उन्हें और उसकी टीम को तुरंत वहां से चले जाने का आदेश दिया। उन्होंने पूछा, ‘‘क्या हमें अपने वियरेबल ले जाने चाहिए?’’

लंबी कतारों पर मंत्री ने मांगी माफी (AI Summit India 2026)

AI Impact Summit News: उन्होंने कहा, ‘‘बाकी लोग तो लैपटॉप भी छोड़ रहे हैं, यहां इसका ध्यान रखा जाएगा। उन पर भरोसा करते हुए मैं चला गया। मैं उम्मीद कर रहा था कि वियरेबल सुरक्षित रहेंगे और शायद अगर मेरी किस्मत अच्छी रही, तो यह प्रधानमंत्री मोदी की नजर में भी आ जाए।’’ उन्होंने यह भी बताया कि सोमवार को गेट 12 बजे से छह बजे तक बंद रहे। यादव ने बताया कि बाद में, उन्हें और उनकी टीम को पता चला कि वियरेबल चोरी हो गए हैं। उन्होंने लिखा, ‘‘सोचिए तो सही: हमने हवाई यात्रा, रहने का इंतजाम, सामान ले जाने की व्यवस्था और यहां तक कि स्टॉल तक के लिए खर्च किया है। लेकिन हमारे वियरेबल एक उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में गायब हो गए। अगर सिर्फ सुरक्षा कर्मी और अधिकारी ही वहां पहुंच सकते थे, तो ऐसा कैसे हुआ? यह बहुत ही निराशाजनक है।’’

रेस्किल के संस्थापक पुनित जैन ने कहा, ‘‘क्या यह वही एआई सम्मेलन है जो अपने ही निर्माताओं को नजरअंदाज कर देता है?’’ उन्होंने लिखा, ‘‘प्रदर्शक, प्रतिनिधि और स्टार्टअप के संस्थापक बाहर ही रह गए। पानी की व्यवस्था नहीं थी, कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी। मीडिया में उत्सव दिखाया गया, लेकिन हकीकत में स्थिति अराजक थी। अगर पहुंच केवल चुनिंदा महत्त्वपूर्ण मेहमानों तक सीमित थी, तो इसे पहले ही बता देना चाहिए था। पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को जुटाकर फिर उन्हें बाहर निकालना सही नहीं है। इसी तरह हम भारत के एआई भविष्य का निर्माण नहीं कर सकते।’’

हाई-सिक्योरिटी ज़ोन से स्टार्टअप के AI वियरेबल्स चोरी

एक प्रतिभागी धनंजय यादव ने X पर पोस्ट कर लिखा कि AI इम्पैक्ट समिट का पहला दिन हमारे लिए बहुत मुश्किल रहा। मैं सच में बहुत एक्साइटेड था, यह पहली बार था जब इंडिया में समिट हो रहा था, और मैं इकोसिस्टम और सरकार के काम को सपोर्ट करने के लिए पर्सनली आना चाहता था। लेकिन इसके बाद जो हुआ वह शॉकिंग था। दोपहर 12 बजे, सिक्योरिटी वाले PM मोदी के दोपहर 2 बजे आने से पहले एरिया को सैनिटाइज करने और घेरने के लिए आए। मैंने बताया कि हम NeoSapien में इंडिया का पहला पेटेंटेड AI वियरेबल बना रहे हैं और इसे दिखाने का मौका मांगा। एक ऑफिसर ने दूसरों से कहा कि मुझे रुकने दें, और वे चले गए। फिर एक और ग्रुप आया और हमें तुरंत जाने का ऑर्डर दिया। ऐसा लगा कि सिक्योरिटी वालों के बीच कोऑर्डिनेशन की कमी थी। मैंने पूछा: “क्या हमें अपने वियरेबल्स ले जाने चाहिए?” उन्होंने कहा, दूसरे लोग तो लैपटॉप भी पीछे छोड़ रहे हैं, सिक्योरिटी वाले ध्यान रखेंगे। उन पर भरोसा करके, मैं चला गया। उम्मीद है कि वियरेबल्स सुरक्षित रहेंगे, और अगर मैं लकी रहा, तो शायद PM मोदी की नज़र इस पर पड़ जाए। गेट 12 बजे से शाम 6 बजे तक बंद थे। उम्मीद से कहीं ज़्यादा देर तक। बाद में हमें पता चला कि हमारे वियरेबल्स चोरी हो गए थे। ज़रा सोचिए हमने फ़्लाइट, रहने की जगह, लॉजिस्टिक्स और बूथ के लिए भी पैसे दिए थे। बस यह देखने के लिए कि हमारे वियरेबल्स एक हाई-सिक्योरिटी ज़ोन के अंदर गायब हो गए। अगर सिर्फ़ सिक्योरिटी और ऑफ़िशियल लोगों को ही एक्सेस मिलता, तो यह कैसे हुआ? यह बहुत निराशाजनक है।

 

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।