मप्र में वकील, पूर्व न्यायाधीश के खिलाफ दहेज हत्या मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित

मप्र में वकील, पूर्व न्यायाधीश के खिलाफ दहेज हत्या मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित

मप्र में वकील, पूर्व न्यायाधीश के खिलाफ दहेज हत्या मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित
Modified Date: May 17, 2026 / 11:01 am IST
Published Date: May 17, 2026 11:01 am IST

भोपाल, 17 मई (भाषा) मध्यप्रदेश में पुलिस ने एक पूर्व न्यायाधीश और उनके वकील बेटे के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके पुत्र समर्थ सिंह पर कथित तौर पर बहू ट्विशा शर्मा की हत्या का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, एक डेटिंग ऐप के जरिए ट्विशा शर्मा की मुलाकात 2024 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी, जिसके बाद दोनों ने दिसंबर 2025 में विवाह कर लिया था।

अधिकारी ने बताया कि 12 मई को 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा का शव कटारा हिल्स इलाके स्थित ससुराल में फंदे से लटका मिला था।

उन्होंने बताया कि समर्थ सिंह और उनकी मां सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह, ट्विशा को अस्पताल लेकर पहुंचे थे जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल प्रबंधन ने रात करीब 11 बजे पुलिस को घटना की सूचना दी।

एसआईटी के प्रमुख बनाए गए सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रजनीश कश्यप ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दहेज हत्या और उत्पीड़न से संबंधित भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों में समर्थ सिंह, उसके पिता और सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने बताया कि समर्थ सिंह का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

कटारा हिल्स पुलिस थाना के वरिष्ठ अधिकारी सुनील कुमार दुबे ने कहा कि नोएडा निवासी ट्विशा के परिवार ने उसके ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है।

रिश्तेदारों ने दावा किया कि वह मंगलवार रात करीब 10 बजे तक फोन पर उनके संपर्क में थी।

ट्विशा के रिश्तेदारों के अनुसार, वह भोपाल छोड़कर नोएडा लौटना चाहती थी।

अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी दहेज उत्पीड़न, शारीरिक प्रताड़ना और शर्मा की मौत के बाद सबूतों को नष्ट करने के कथित प्रयासों सहित विभिन्न पहलुओं से जांच करेगी।

भोपाल की एक अदालत ने शुक्रवार को सेवानिवृत्त न्यायाधीश को अग्रिम जमानत दे दी, जबकि समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई 18 मई को होगी।

भाषा ब्रजेन्द्र खारी

खारी


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