भोपाल में अंतरिक्ष ‘स्पेस एक्प्लोरेशन गैलरी’ का उद्घाटन, वैज्ञानिक यात्रा से रूबरू होंगे आगंतुक
भोपाल में अंतरिक्ष ‘स्पेस एक्प्लोरेशन गैलरी’ का उद्घाटन, वैज्ञानिक यात्रा से रूबरू होंगे आगंतुक
भोपाल, 15 जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को कहा कि भारत ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी समेत विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य हो रहा है।
यादव ने भोपाल स्थित क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र में ‘स्पेस एक्सप्लोरेशन गैलरी’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद थे।
अधिकारियों ने बताया कि संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम) और भोपाल जिला प्रशासन के सहयोग से विकसित यह गैलरी आगंतुकों को ब्रह्मांड की उत्पत्ति से लेकर आधुनिक अंतरिक्ष अभियानों तक की वैज्ञानिक यात्रा का जीवंत अनुभव कराएगी।
उन्होंने बताया कि गैलरी में ऋग्वेद के नासदीय सूक्त, शून्य की अवधारणा जैसी प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपराओं को आधुनिक खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ा गया है।
यादव और शेखावत ने गैलरी का अवलोकन किया और विभिन्न प्रदर्शनों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘भारत ने भविष्य की सोच के साथ विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति की है और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से लेकर अन्य क्षेत्रों तक उल्लेखनीय कार्य हो रहा है।’’
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र की यह ‘स्पेस एक्सप्लोरेशन गैलरी’ कम लागत में तैयार की गई है, लेकिन इसमें अधिकतम जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
यादव ने कहा, ‘‘बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने के लिए विश्वस्तरीय प्रदर्शन लगाए गए हैं। यह गैलरी प्रदेश के गौरव और प्रतिष्ठा में वृद्धि करेगी।’’
शेखावत ने कहा कि देश के हृदयस्थल के रूप में मध्यप्रदेश पर्यटन से लेकर सांस्कृतिक संरक्षण तक विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विरासत भी, विकास भी’ के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का कार्य कर रहा है। राज्य की पहुंच अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भी लगातार बढ़ रही है।’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े नवीनतम ज्ञान और अनुसंधान से जोड़ने का प्रयास किया गया है। उन्होंने ‘स्पेस एक्सप्लोरेशन गैलरी’ को भोपाल के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात बताया।
अधिकारियों ने बताया कि यह गैलरी भारत की अंतरिक्ष यात्रा को ऐतिहासिक काल से वर्तमान तक प्रदर्शित करती है और अंतरिक्ष क्षेत्र में देश तथा मध्यप्रदेश के मौजूदा प्रयासों की भी जानकारी देती है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र की यह गैलरी देश की अत्याधुनिक और अनुभव आधारित विज्ञान दीर्घाओं में से एक है।
गैलरी में 30 से अधिक इंटरैक्टिव और इमर्सिव प्रदर्श हैं, जिनमें स्पेस फ्लाइट सिम्युलेटर, स्पेस वॉक, खगोलीय पिंडों का त्रि-आयामी (3डी) अवलोकन, अंतरिक्ष अन्वेषण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), अंतरिक्ष पर्यटन, रॉकेट और अंतरिक्ष यान की कार्यप्रणाली, कक्षीय यांत्रिकी तथा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जैसी अवधारणाओं को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि गैलरी में थुंबा से पहले साउंडिंग रॉकेट के प्रक्षेपण से लेकर ‘आर्यभट्ट’, ‘चंद्रयान’, ‘मंगलयान’, ‘आदित्य-एल1’ और प्रस्तावित ‘गगनयान’ मिशन तक भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह गैलरी विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, जिज्ञासा और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
भाषा दिमो जोहेब
जोहेब

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