Mahakal Mandir Mein Donation : महाकाल में चढ़ावा चढ़ाने की प्रकिया में बड़ा बदलाव! अब सोना-चांदी चढ़ाने से पहले होगी ये जांच

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले सोने-चांदी के आभूषणों की जांच अब हाईटेक कैरेटोमीटर मशीन से की जाएगी। श्रद्धालुओं की मौजूदगी में शुद्धता की जांच होगी और तुरंत रसीद भी दी जाएगी।

Mahakal Mandir Mein Donation : महाकाल में चढ़ावा चढ़ाने की प्रकिया में बड़ा बदलाव! अब सोना-चांदी चढ़ाने से पहले होगी ये जांच
Modified Date: July 18, 2026 / 05:04 pm IST
Published Date: July 18, 2026 4:47 pm IST
HIGHLIGHTS
  • महाकाल मंदिर में सोने-चांदी की जांच के लिए कैरेटोमीटर मशीन मंगाई गई है।
  • श्रद्धालुओं के सामने ही आभूषणों की शुद्धता और कैरेट की जांच होगी।
  • जांच के तुरंत बाद श्रद्धालु को प्रमाणिकता के आधार पर रसीद दी जाएगी।

उज्जैन : महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं द्वारा भगवान महाकाल को अर्पित किए जाने वाले सोनेचांदी के आभूषणों की जांच को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। mahakal Mandir Mein Donation  :  मंदिर समिति ने अत्याधुनिक “कैरेटोमीटर” मशीन मंगाई है, जिसके माध्यम से अब दान में दिए जाने वाले सोने और चांदी के आभूषणों की शुद्धता (टंच) और कैरेट की जांच श्रद्धालुओं के सामने ही ऑन द स्पॉट की जाएगी।

दो दिनों के अंदर शुरू होगी मशीन

महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की उप प्रशासक सिम्मी यादव ने बताया कि कैरेटोमीटर एक आधुनिक तकनीक से लैस मशीन है, जो कुछ ही क्षणों में सोने और चांदी के आभूषणों की गुणवत्ता, कैरेट और शुद्धता का सटीक परीक्षण कर देती है।  Mahakaleshwar Mandir Ujjain इसके लिए आभूषण को किसी प्रकार का नुकसान भी नहीं पहुंचता। उन्होंने बताया कि मंदिर समिति को यह मशीन प्राप्त हो चुकी है और अगले दो दिनों के भीतर इसकी शुरुआत कर दी जाएगी।

 श्रद्धालुओं  को तत्काल दी जाएगी रसीद

मशीन के शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा भगवान महाकाल को अर्पित किए जाने वाले आभूषणों की जांच उनके सामने ही की जाएगी। जांच के आधार पर आभूषण की प्रमाणिकता तय होगी और उसी अनुसार श्रद्धालु को तत्काल रसीद भी उपलब्ध कराई जाएगी। मंदिर प्रबंध समिति का यह मानना है कि इस नई व्यवस्था से दान प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता आएगी और श्रद्धालुओं का विश्वास भी और मजबूत होगा।

 श्रद्धालुओं  की मौजूदगी में संपन्न होगी प्रक्रिया

अब आभूषण की शुद्धता और मूल्यांकन को लेकर किसी प्रकार की शंका की स्थिति नहीं रहेगी, क्योंकि पूरी प्रक्रिया श्रद्धालु की मौजूदगी में संपन्न होगी। महाकाल मंदिर में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भगवान महाकाल को अर्पित करते हैं। ऐसे में कैरेटोमीटर मशीन के उपयोग से दान में मिलने वाले आभूषणों की जांच अधिक वैज्ञानिक, सटीक और पारदर्शी हो सकेगी।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.