Home » Madhya Pradesh » Ujjain News: Shameful incident of a teacher in a government school! Bharat Mata's picture burnt, children pressured to offer namaz
Ujjain News: सरकारी स्कूल में शिक्षक का शर्मनाक कांड! भारत माता की तस्वीर जलाई, बच्चों पर नमाज पढ़ने का दबाव
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Ujjain News: सरकारी स्कूल में शिक्षक का शर्मनाक कांड! भारत माता की तस्वीर जलाई, बच्चों पर नमाज पढ़ने का दबाव
उज्जैन: Ujjain News: शिक्षक पर धार्मिक भावनाएं आहत करने और छात्रों पर दबाव डालने का आरोप, मामला दर्ज उज्जैन जिले के नागपुरा गांव स्थित एक सरकारी मिडिल स्कूल में कार्यरत शिक्षक शकील मोहम्मद पर गंभीर आरोप लगे हैं।
Ujjain News: विद्यार्थियों ने बताया कि शिक्षक ने कक्षा में भारत माता की तस्वीर जलाई और देवी-देवताओं की तस्वीरें तोड़ दीं। इसके साथ ही वह बच्चों पर कुरान पढ़ने और नमाज सीखने का दबाव बनाते थे। छात्र अनुराग राठौर, जो कक्षा 6 में पढ़ता है, ने अपने चाचा रोहित राठौर को इस घटना की जानकारी दी। अनुराग के अनुसार 11 जुलाई को छुट्टी के बाद शिक्षक ने बच्चों के सामने भारत माता की तस्वीर जलाई और अन्य धार्मिक चित्रों को भी नुकसान पहुंचाया।
Ujjain News: बच्चों का यह भी कहना है कि शिक्षक ने उन्हें धमकी दी कि अगर किसी ने यह बात बाहर बताई तो वह गंभीर परिणाम भुगतेंगे। शिकायत मिलने के बाद रोहित राठौर अपने मित्र लालचंद विश्वकर्मा के साथ स्कूल पहुंचे, जहां स्कूल के बाहर अधजली तस्वीर भी मिली। मौके पर मौजूद अन्य बच्चों वर्षा, भोला, कमल, अंजली आदि ने भी घटना की पुष्टि की।
Ujjain News: घटना की जानकारी फैलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता तथा ग्रामवासी थाने पहुंचे और शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। झारड़ा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रोहित राठौर की शिकायत पर शिक्षक शकील मोहम्मद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।
शिक्षक शकील मोहम्मद पर "धार्मिक भावनाएं आहत करने" का आरोप क्यों लगाया गया है?
शिक्षक शकील मोहम्मद पर आरोप है कि उन्होंने भारत माता की तस्वीर जलाई और कक्षा में देवी-देवताओं की तस्वीरें तोड़ीं, जिससे छात्रों की और स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
क्या "धार्मिक भावनाएं आहत करने" पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?
हाँ, भारतीय दंड संहिता की धारा 295A के तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी धर्म या धार्मिक विश्वास का अपमान करता है, तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है।
"धार्मिक भावनाएं आहत करने" के आरोप में आरोपी को क्या सजा हो सकती है?
इस तरह के मामलों में दोषी पाए जाने पर आरोपी को तीन साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
क्या छात्रों पर कुरान पढ़ने और नमाज के लिए दबाव डालना भी "धार्मिक भावनाएं आहत करने" की श्रेणी में आता है?
यदि ऐसा दबाव विद्यालय परिसर में बिना सहमति और धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करते हुए किया गया हो, तो यह भी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने और अनुशासनहीनता का मामला बन सकता है।
इस मामले में पुलिस की क्या कार्रवाई हुई है?
झारड़ा पुलिस ने शिक्षक शकील मोहम्मद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें कोर्ट में पेश किया गया है। आगे की जांच जारी है।