इंदौर (मध्यप्रदेश), 13 अप्रैल (भाषा) इंदौर नगर निगम के हालिया सम्मेलन में राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करने को लेकर कांग्रेस की दो महिला पार्षदों पर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के आरोप में जिला अदालत में शिकायत दायर की गई है।
इनमें से एक पार्षद ने सम्मेलन में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षदों पर आपत्तिजनक नारे लगाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इस नारेबाजी के कारण उन्होंने आपा खो दिया था।
इस विवाद को लेकर दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोपों के बीच शहर के सामाजिक कार्यकर्ता विकास अवस्थी ने जिला अदालत में शिकायत दायर की है।
अवस्थी के वकील आकाश शर्मा ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दो पार्षदों-फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल खान ने राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करते वक्त सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के लिए जान-बूझकर भड़काऊ बयान दिए।
शर्मा ने बताया कि शिकायत में दोनों पार्षदों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं– 196 (अलग-अलग समुदायों के आपसी सद्भाव पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला कृत्य), 299 (धार्मिक भावनाओं को जान-बूझकर ठेस पहुंचाना) और अन्य प्रावधानों के तहत मामला दर्ज करने की गुहार लुगायी गयी है।
इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान आठ अप्रैल को कांग्रेस की पार्षद फौजिया शेख अलीम ने इस्लामी मान्यताओं का हवाला देते हुए ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया था। निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस में शामिल होने वाली एक अन्य पार्षद रुबीना इकबाल खान ने भी फौजिया के इस रुख का समर्थन करते हुए राष्ट्र गीत गाने से मना कर दिया था।
विवाद से घिरीं पार्षद रुबीना ने ताजा बयान में दावा किया कि सम्मेलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गान के दौरान वह इसके प्रति सम्मान जताते हुए सावधान की मुद्रा में खड़ी थीं और राष्ट्र गीत से जुड़े नियमों का पालन कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र गीत गाए जाने के लगभग आधे घंटे बाद कांग्रेस की अन्य पार्षद फौजिया सम्मेलन में पहुंचीं और कुछ पार्षदों से उनके विवाद के बाद सभापति ने फौजिया को सदन से एक दिन के लिए निष्कासित कर दिया।
रुबीना ने कहा,‘‘सदन में भाजपा के कुछ पार्षदों ने मुझे देखकर आपत्तिजनक नारे लगाए। इससे मैं बेहद गुस्से में आकर विचलित हो गई।’’
उन्होंने कहा कि ‘अत्यन्त दबाव एवं गुस्से’ के कारण उनके मुंह से कांग्रेस के लिए ‘कुछ गलत वाक्य’ निकल गए और वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी तथा पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से खेद व्यक्त करती हैं।
उधर, भाजपा ने रुबीना के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान को लेकर कांग्रेस की दोनों पार्षदों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।
भाजपा की मध्यप्रदेश इकाई की प्रवक्ता और स्थानीय विधायक उषा ठाकुर ने कहा,‘‘अगर रुबीना और फौजिया सचमुच प्रायश्चित करना चाहती हैं, तो वे वंदे मातरम् कंठस्थ करके इंदौर के राजबाड़ा चौराहे पर इसका सार्वजनिक रूप से पाठ करें।’’
भाषा हर्ष राजकुमार
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