उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम जारी रहेगा: समिति सदस्य

उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम जारी रहेगा: समिति सदस्य

उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम जारी रहेगा: समिति सदस्य
Modified Date: September 29, 2026 / 10:16 am IST
Published Date: September 29, 2026 10:16 am IST

उज्जैन (मप्र), 29 सितंबर (भाषा) उज्जैन में मस्जिद समिति के एक सदस्य ने कहा कि मुस्लिम समुदाय 2028 के सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनजर किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का सम्मान करता है और ऐतिहासिक शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को स्वेच्छा से हटाने का काम मंगलवार को भी जारी रहेगा।

नुमाइंदा समिति के सदस्य फहीम सिकंदर ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि स्थानीय प्रशासन, शहर काजी और समिति के पदाधिकारियों के बीच चर्चा के बाद शांतिपूर्ण तरीके से काम करने पर सहमति बनी।

उन्होंने कहा कि मस्जिद के एक हिस्से को हटाने के फैसले की जानकारी रविवार रात सभी संबंधित लोगों तक नहीं पहुंच पाने के कारण कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई जिससे सोमवार को पथराव की घटना भी हुई।

सिकंदर ने कहा कि मुस्लिम समुदाय सड़क चौड़ीकरण परियोजना का सम्मान करता है और शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने में सहयोग कर रहा है।

उन्होंने कहा कि मस्जिद समिति का प्रयास धार्मिक स्थल को यथासंभव सुरक्षित रखने का था, लेकिन सहमति नहीं बन पाने के बाद सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को हटाने का फैसला किया गया।

सिकंदर ने कहा कि प्रशासन ने शुरुआत में तोड़फोड़ के लिए मशीन और अन्य उपकरण उपलब्ध नहीं कराए थे, इसलिए समुदाय के सदस्यों ने खुद ही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाना शुरू कर दिया।

उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए मस्जिद का कितना हिस्सा हटाया जाएगा, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। दीवार के तीन से आठ फुट तक हिस्से को हटाने को लेकर चर्चा जारी है।

सिकंदर ने कहा कि वरिष्ठ सदस्यों के साथ चर्चा के बाद यह स्पष्ट किया गया कि काम स्वेच्छा से किया जा रहा है, जिसके बाद स्थिति शांत हो गई।

उन्होंने कहा कि सड़क परियोजना के लिए मस्जिद का प्रभावित हिस्सा हटाने में सात से आठ दिन लग सकते हैं और जरूरत पड़ने पर मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि काम मंगलवार सुबह शुरू होगा और पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

इस बीच, सोमवार को मध्यप्रदेश के इस शहर में उस समय तनाव फैल गया, जब सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए मस्जिद का एक हिस्सा हटाने के प्रस्ताव के विरोध में भीड़ एकत्र हो गई और उसने पथराव किया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

बाद में सोमवार को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए सड़क चौड़ीकरण के वास्ते ऐतिहासिक शाही मस्जिद का एक हिस्सा हटाने के मामले में दायर दो रिट अपील का निपटारा कर दिया। मुस्लिम पक्ष और नगर निगम के बीच सहमति बनने के बाद अदालत ने दोनों अपील निस्तारित कर दीं।

न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लई की इंदौर पीठ ने याचिकाकर्ताओं द्वारा उज्जैन नगर निगम के साथ समझौता होने की जानकारी दिए जाने के बाद उनकी अलग-अलग अपीलों का निपटारा किया।

अदालत ने कहा कि शाही मस्जिद मामले में उज्जैन नगर निगम की ओर से दिए गए आश्वासन और अंतरिम नोटिस नगर निकाय पर बाध्यकारी होंगे।

मुस्लिम पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता कुलदीप पाठक ने सुनवाई के बाद ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उच्च न्यायालय ने उज्जैन नगर निगम और शाही मस्जिद के प्रबंधन से जुड़ी एक समिति के बीच समझौते के आधार पर मुस्लिम पक्ष की रिट अपील का निपटारा किया है और दोनों पक्षों को समझौते का पालन करने को कहा है।

उन्होंने दावा किया कि उज्जैन के प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद के करीब 9.5 फुट हिस्से को हटाने के लिए कहा था, लेकिन समझौते के तहत करीब तीन फुट हिस्सा हटाने पर सहमति बनी है।

भाषा दिमो वैभव खारी

खारी


लेखक के बारे में