26/11 हमला: हाफिज सईद को भगोड़ा घोषित कर अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने की तैयारी

26/11 हमला: हाफिज सईद को भगोड़ा घोषित कर अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने की तैयारी

26/11 हमला: हाफिज सईद को भगोड़ा घोषित कर अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने की तैयारी
Modified Date: August 21, 2026 / 07:49 pm IST
Published Date: August 21, 2026 7:49 pm IST

मुंबई, 21 अगस्त (भाषा) मुंबई पुलिस ने 26/11 के आतंकवादी हमलों में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापकों हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी सहित छह फरार आरोपियों को अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित करने का आदेश ‘इंटरपोल’ के जरिए तामील कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क किया है। इसका उद्देश्य उनकी अनुपस्थिति में उन पर मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू करना है।

विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम की देखरेख में पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में एक अंतरिम रिपोर्ट सौंपी। यह रिपोर्ट फरार आरोपियों पर उनकी अनुपस्थिति में मुकदमा शुरू करने के लिए इसी साल जुलाई में भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया पर आधारित है।

आतंकवादी मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत में निकम ने कहा, ‘हमने पाकिस्तान में रह रहे आरोपियों को भगोड़ा घोषित करने का आदेश ‘इंटरपोल’ के माध्यम से तामील कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने हेतु केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है।’

निकम ने कहा, ‘केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तीन अगस्त को हमारे अनुरोध को स्वीकार कर लिया था और इस पर की गई कार्रवाई की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कुछ समय मांगा था।’

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 356 के तहत उन घोषित अपराधियों के खिलाफ उनकी अनुपस्थिति में पूर्ण आपराधिक सुनवाई चलाने का प्रावधान है, जो मुकदमे से बचने के लिए भगोड़े हैं और जिनकी तत्काल गिरफ्तारी की कोई संभावना नहीं है।

26/11 मामले की सुनवाई कर रही अदालत ने सईद, लखवी और अन्य आरोपियों – साजिद मीर, अबू अलकामा, आसिम उर्फ ​​अबू कहाफा और मेजर अब्दुल रहमान पाशा का भगोड़ा घोषित था। ये सभी पाकिस्तानी नागरिक हैं।

इन लोगों की भूमिका का खुलासा आतंकवादी अजमल कसाब और आरोपी से सरकारी गवाह बने डेविड हेडली ने किया था।

नवंबर 2008 में हुए मुंबई हमलों के दौरान कसाब अकेला पाकिस्तानी आतंकवादी था जिसे जिंदा पकड़ा गया था। उसे सामूहिक हत्या और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का दोषी ठहराया गया था तथा 21 नवंबर 2012 को पुणे की येरवडा केंद्रीय कारागृह में उसे फांसी दे दी गई थी।

भाषा सुमित नरेश अविनाश

अविनाश


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