किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, संविधान और नैतिकता के लिए है राकांपा गुटों की कानूनी लड़ाई: सुले
किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, संविधान और नैतिकता के लिए है राकांपा गुटों की कानूनी लड़ाई: सुले
मुंबई, 21 अगस्त (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी के प्रतिद्वंद्वी गुट के साथ कानूनी लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि संवैधानिक सिद्धांतों को बनाए रखने तथा यह सुनिश्चित करने का संघर्ष है कि नियमों और कानूनों का पालन हो।
सुले ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट के कानूनी पक्ष पर भरोसा जताया। सुले ने कहा कि उनकी भाभी एवं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट को मूल पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न देने का निर्वाचन आयोग का फैसला अदालत में टिक नहीं पाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘नियम पालन के लिए बनाए जाते हैं। नियम और कानून मनमानी के लिए नहीं होने चाहिए। देश भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान के अनुसार और ढांचे के भीतर चलेगा।’’
सुले ने कहा कि यह नैतिकता की लड़ाई है।
उन्होंने वर्ष 2023 में निर्वाचन आयोग द्वारा पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न अजित पवार गुट को सौंपे जाने के संदर्भ में कहा, ‘‘(शरद) पवार साहब के साथ अन्याय हुआ है। कल वे देश में किसी के भी साथ ऐसा कर सकते हैं।’’
सुले ने कहा कि निर्वाचन आयोग का फैसला भले ही प्रतिद्वंद्वी (सुनेत्रा) गुट के पक्ष में आया हो, ‘‘लेकिन वे अदालत में नहीं जीत सकते।’’
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के राकांपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने को चुनौती देने वाले कानूनी नोटिस पर सुले ने कहा कि यह प्रतिद्वंद्वी गुट का आंतरिक मामला है।
सुले ने कहा, ‘‘हम अपनी पार्टी की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारी पार्टी के टूटने के बाद हमारे साथ जो हुआ, वह उनके साथ भी हो सकता है। असली राकांपा अध्यक्ष शरद पवार हैं।’’
दिल्ली में पैलेट गन से घायल एक पीड़ित की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर राहुल गांधी के धरने पर सुले ने भाजपा द्वारा कांग्रेस नेता की आलोचना किए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के उन बयानों का भी उल्लेख किया, जिनमें उन्होंने ‘जेन-जी’ की प्रशंसा की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जेन-जी का अपमान क्यों कर रही है? उन्हें मोहन भागवत जी के बयान को सुनना चाहिए।’’
सुले ने यह भी आरोप लगाया कि शनिवार को राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले पुणे पुलिस शहर में अपराध से निपटने की तुलना में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ कार्रवाई करने में अधिक सक्रिय नजर आई।
भाषा आशीष सुरेश
सुरेश

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