जाति जनगणना के लिए तेलंगाना मॉडल अपनाएं, ओबीसी कॉलम जोड़ें: कांग्रेस
जाति जनगणना के लिए तेलंगाना मॉडल अपनाएं, ओबीसी कॉलम जोड़ें: कांग्रेस
मुंबई, आठ सितंबर (भाषा) कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य हरीश चौधरी ने मंगलवार को मांग की कि केंद्र सरकार जाति जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग कॉलम शामिल करे। उन्होंने कहा कि यह जनगणना तेलंगाना में किए गए सर्वेक्षण की तर्ज पर कराई जानी चाहिए।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के साथ यहां संवाददाता सम्मेलन में चौधरी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जाति जनगणना के मुख्य मकसद से भटक रही है।
चौधरी ने कहा, ‘‘जनगणना फॉर्म में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए अलग प्रावधान है लेकिन ओबीसी श्रेणी के लिए कोई अलग कॉलम नहीं है। ओबीसी श्रेणी के लिए एक विशेष कॉलम होना ही चाहिए।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि पर्वतीय इलाकों में जनगणना अभी जारी है और देश के बाकी हिस्सों में यह फरवरी से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि सरकार के पास अब भी ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ने का समय है।
चौधरी ने कहा कि जनगणना 2021 में होनी थी लेकिन नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने कोविड-19 महामारी का हवाला देते हुए इसे टाल दिया था।
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहले जाति-आधारित जनगणना की मांग को ‘‘अर्बन नक्सल’’ सोच करार दिया था लेकिन राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं के लगातार दबाव के बाद सरकार ने जाति जनगणना की घोषणा की।
चौधरी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और गांधी ने जाति जनगणना की मांग करते हुए प्रधानमंत्री को कई बार पत्र लिखे थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यही रुख है कि ‘‘जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’’। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को अपनी आबादी के अनुपात में सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।
भाषा सुरभि प्रशांत
प्रशांत

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