निकाय चुनाव प्रचार के दौरान सहयोगियों को निशाना नहीं बनायें अजित पवार: बावनकुले
निकाय चुनाव प्रचार के दौरान सहयोगियों को निशाना नहीं बनायें अजित पवार: बावनकुले
जालना, चार जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने रविवार को उपमुख्यमंत्री अजित पवार को सलाह दी कि वे निकाय चुनाव प्रचार अभियान के दौरान सहयोगियों को निशाना न बनाएं।
अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, भाजपा और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना राज्य में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं। हालांकि 15 जनवरी को होने वाले चुनाव में वे 29 नगर निगमों से कुछ में अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं।
पवार ने शुक्रवार और शनिवार को अपने संवाददाता सम्मेलन में पुणे और पिंपरी चिंचवड के नगर निकायों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगाया था, जिनमें से दोनों पर प्रशासकों की नियुक्ति से पहले 2017 से 2022 के बीच भाजपा का शासन था।
उन्होंने राज्य के दूसरे सबसे बड़े शहर पुणे के ‘‘पटरी से उतरे विकास’’ के लिए नगर निकाय के नेतृत्व (परोक्ष तौर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर इशारा करते हुए) को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने यह भी कहा था कि पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद पिंपरी-चिंचवड कर्ज में डूब गया है।
पुणे जिले की इन दोनों नगर निकायों में हो रहे चुनाव में राकांपा और भाजपा अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं।
जालना नगर निगम चुनाव के प्रचार के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए बावनकुले ने कहा, ‘‘समन्वय बैठक में सामूहिक रूप से यह तय किया गया था कि गठबंधन के नेता प्रचार के दौरान एक-दूसरे की आलोचना नहीं करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद अजित पवार ने इस सहमति का उल्लंघन किया है। उन्हें भविष्य में संयम बरतना चाहिए।’’
बावनकुले ने महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के अजित पवार पर दिए गए बयानों का भी समर्थन किया।
चव्हाण ने शनिवार को कहा था कि अगर भाजपा आरोप लगाने लगे तो इससे पवार के लिए गंभीर मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने राकांपा प्रमुख पवार को आरोप लगाने से पहले “आत्ममंथन” करने की सलाह भी दी थी।
भाषा अमित सुरेश
सुरेश

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