अंबरनाथ चुनाव : उच्च न्यायालय ने पाला बदलने को ‘विश्व भ्रमण’ करार दिया; कलेक्टर का आदेश स्थगित
अंबरनाथ चुनाव : उच्च न्यायालय ने पाला बदलने को ‘विश्व भ्रमण’ करार दिया; कलेक्टर का आदेश स्थगित
मुंबई, 19 जनवरी (भाषा) मुंबई उच्च न्यायालय ने अंबरनाथ नगर पालिका परिषद के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के सदस्यों के पाला बदलने को ‘‘विश्व भ्रमण’’ करार दिया, जबकि नगर निकाय में गठबंधनों को मान्यता देने और अमान्य करने से जुड़े ठाणे जिला कलेक्टर के आदेशों को स्थगित कर दिया।
न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति अभय मंत्री की पीठ ने इस मुद्दे को कलेक्टर के पास भेज दिया और उन्हें संबंधित पक्षों – भाजपा, कांग्रेस, राकांपा और शिवसेना – को अपना पक्ष रखने का अवसर देने और आदेश पारित करने का निर्देश दिया।
पीठ ने राकांपा के चार सदस्यों के पाला बदलने पर हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए इसे ‘‘विश्व भ्रमण’’ करार दिया। वे पहले भाजपा-कांग्रेस की ‘अंबरनाथ विकास आघाडी’ (एवीए) में शामिल हुए थे और बाद में शिवसेना के प्रति अपनी निष्ठा जताई।
पिछले साल 20 दिसंबर को हुए नगर परिषद चुनावों के बाद, भाजपा की स्थानीय इकाई ने सत्ता हासिल करने के लिए एवीए के बैनर तले अपने चिर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस से हाथ मिलाया था।
भाजपा ने अपनी सहयोगी शिवेसना को दरकिनार कर ऐसा किया था जो सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी।
एवीए में अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा भी शामिल है, जो राज्य की महायुति सरकार में भाजपा की सहयोगी पार्टी है।
भाजपा ने प्रत्यक्ष चुनाव के माध्यम से नगर परिषद अध्यक्ष का पद जीता, जबकि शिवसेना 60 में से 27 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। उसके बाद भाजपा (14), कांग्रेस (12) और राकांपा (4) का स्थान है, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने दो सीटें जीतीं।
ठाणे कलेक्टर ने 7 जनवरी को एवीए को ‘चुनाव-पूर्व गठबंधन’ के रूप में मान्यता दी थी।
गठबंधन को लेकर मचे बवाल के बाद, कांग्रेस ने सभी 12 निर्वाचित सदस्यों को निलंबित कर दिया, जो बाद में भाजपा में शामिल हो गए।
इसके बाद राकांपा के चारों सदस्यों ने शिवसेना का समर्थन किया और कलेक्टर ने 9 जनवरी को उनके गठजोड़ को ‘‘चुनाव-पूर्व गठबंधन’’ के रूप में मान्यता दी, जबकि एवीए की मान्यता रद्द कर दी। इसके बाद, एवीए ने उच्च न्यायालय का रुख किया।
अदालत कलेक्टर के 9 जनवरी के आदेश को चुनौती देने वाली एवीए की याचिका पर सुनवाई कर रही है।
सोमवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति घुगे ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘आज ये चारों व्यक्ति (राकांपा सदस्य) उनके (एकनाथ शिंदे) साथ हैं, कल किसी और के साथ थे। वे विश्व भ्रमण कर रहे हैं। क्या पता कल वे किसी और के साथ हो जाएं?’’
अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को 28 जनवरी को कलेक्टर को लिखित में अपनी दलीलें पेश करने का निर्देश दिया और कलेक्टर को उसके 21 दिन बाद आदेश पारित करना होगा।
कलेक्टर का आदेश पारित होने के बाद वह दो सप्ताह तक लागू नहीं होगा, ताकि पीड़ित पक्ष अदालत में अपील कर सकें।
अदालत ने याचिका का निस्तारण करते हुए कहा, ‘‘तब तक, कलेक्टर के 7 और 9 जनवरी के आदेश स्थगित रहेंगे।’’
भाषा सुभाष वैभव
वैभव

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