अमरावती, चार सितंबर (भाषा) आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हर्ष एवं भक्ति के साथ मनाई जाती है और यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा भगवद्गीता के माध्यम से दिए गए शाश्वत संदेश की लोगों को याद दिलाता है।
नजीर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘श्रीकृष्णाष्टमी के पावन अवसर पर मैं आंध्र प्रदेश के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।’’
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण का आधार प्रदान करती हैं।
राज्यपाल ने कामना की कि यह अवसर शांति, प्रगति और समृद्धि लेकर आए तथा राज्य के लोगों के बीच भाईचारे, सद्भाव एवं सौहार्द के संबंधों को और मजबूत करे।
मुख्यमंत्री नायडू ने भी इस अवसर पर सभी तेलुगु भाषी लोगों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि भगवान महाविष्णु ने अधर्म को जीतने से रोकने के लिए श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था।
नायडू ने कहा कि जगद्गुरु भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र युद्ध के दौरान अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया और उन्हें कर्तव्य का मार्ग दिखाया।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि श्रीकृष्ण की कृपा हमेशा आप और आपके परिवार पर बनी रहे। सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।’’
जगन ने भी श्रीकृष्णाष्टमी के अवसर पर लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य आशीर्वाद से सभी के जीवन में सुख और समृद्धि आए।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म की रक्षा की और दुनिया को यह संदेश दिया कि अंततः सत्य की ही विजय होती है।
जगन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘श्रीकृष्णाष्टमी के अवसर पर सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य आशीर्वाद से सभी के जीवन में सुख, आनंद और समृद्धि आए।’’
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को कृष्णाष्टमी भी कहा जाता है और यह भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। हिंदू धर्म के प्रमुख ग्रंथों में कृष्ण को केवल अवतार ही नहीं बल्कि स्वयं परमेश्वर और सभी अवतारों का मूल भी बताया गया है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालु पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन करते हैं, मंदिरों को सजाया जाता है और वहां विभिन्न आध्यात्मिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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सिम्मी वैभव
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