चिकित्सकों से मारपीट मामला: आरोपी पार्षद रमेश म्हात्रे जेल से रिहा, जमानत शर्त के तहत गोवा रवाना

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चिकित्सकों से मारपीट मामला: आरोपी पार्षद रमेश म्हात्रे जेल से रिहा, जमानत शर्त के तहत गोवा रवाना

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  • Publish Date - August 9, 2026 / 07:30 PM IST,
    Updated On - August 9, 2026 / 07:30 PM IST

ठाणे, नौ अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले के एक निकाय अस्पताल में चिकित्सकों से मारपीट के आरोपी शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को जेल से रिहा कर दिया गया है और वह जमानत की शर्त के तहत महाराष्ट्र से बाहर रहने के लिए पड़ोसी राज्य गोवा चले गए हैं।

म्हात्रे शनिवार को कल्याण क्षेत्र स्थित आधारवाडी जेल से बाहर आए। इससे एक दिन पहले बंबई उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत देते हुए निचली अदालत को मामले की सुनवाई तेजी से और तय समय सीमा में पूरी करने का निर्देश दिया था।

म्हात्रे ने पत्रकारों से कहा कि वह मामले में सह-आरोपी अपने तीन समर्थकों के साथ गोवा के अंजुना में रहेंगे। उन्होंने कहा, “मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। मुझे अदालत पर पूरा भरोसा है और न्यायपालिका जो भी फैसला सुनाएगी, उसे मैं पूरी तरह स्वीकार करूंगा।” इसके बाद उन्हें एक वाहन में बैठाकर ले जाया गया।

उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने म्हात्रे को जमानत देते हुए उनके और अन्य आरोपियों पर कड़ी शर्तें लगाई थीं। अदालत ने निर्देश दिया था कि आरोपपत्र दाखिल होने तक सभी आरोपी महाराष्ट्र से बाहर रहेंगे।

उच्च न्यायालय ने कहा था कि आरोपियों को महाराष्ट्र लौटने की अनुमति तभी दी जाएगी, जब मामले में सुनवाई कर रही अदालत आरोप तय कर देगी। अदालत ने कहा था कि इसके बाद भी वे न तो मामले के गवाहों से संपर्क करेंगे और न ही किसी सबूत से छेड़छाड़ करेंगे।

कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के पार्षद म्हात्रे को ठाणे जिले की एक अदालत ने 15 जुलाई को जमानत दी थी।

उच्च न्यायालय ने 18 जुलाई को स्वत: संज्ञान लेते हुए निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत पर रोक लगा दी थी और म्हात्रे को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था।

पुलिस के अनुसार, छह जुलाई को म्हात्रे और अन्य आरोपी एक नगर निगम अस्पताल पहुंचे थे और वहां चिकित्सकों के साथ मारपीट की थी। यह घटना शास्त्री नगर अस्पताल में हुई थी, जहां एक गर्भवती महिला के परिजनों ने अस्पताल कर्मचारियों पर इलाज में देरी का आरोप लगाया था।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप

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